सहारनपुर। वाहनों की चेकिंग से सिविल पुलिस को अलग रखने के फैसले का जनता को लाभ मिलेगा, लेकिन यातायात पुलिस की जिम्मेदारी और बढ़ जाएगी। यातायात पुलिस के पास संसाधन तो पर्याप्त हैं, लेकिन दस लाख से ज्यादा आबादी वाले शहर में यातायात प्रबंधन के साथ ही चेकिंग की जिम्मेदारी संभालना चुनौती भरा होगा।
अभी तक की व्यवस्था में यातायात पुलिस शहर के प्रमुख चौराहों, तिराहों और अधिक भीड़ वाले चेकिंग प्वाइंट्स पर वाहनों के जाम पर नियंत्रण का ही मुख्य कार्य देखती है। इसके अलावा वीआईपी दौरों के समय यातायात व्यवस्था संभालने के लिए कर्मचारियों को लगा दिया जाता है। ऐसे में वाहनों की चेकिंग का कार्य सिविल पुलिस कर रही थी, मगर चेकिंग के नाम पर उत्पीड़न करने के आरोप भी पुलिस पर लगते रहे हैं।
यातायात पुलिस की स्थिति
- एक एसपी ट्रैफिक
- एक टीएसआई
- 05 प्रोन्नत हेड कांस्टेबल
- 14 हेड कांस्टेबल
- 25 कांस्टेबल
- 50 पीआरडी जवान
- 50 होमगार्ड
- दो स्पीडो मीटर
- पर्याप्त संख्या में ब्रीथ एनलाइजर
इन स्थलों पर सक्रिय रहती है यातायात पुलिस
- घंटाघर चौक
- कलक्ट्रेट तिराहा
- दीवानी तिराहा
- जिला अस्पताल पुल
- विश्वकर्मा चौक
- अंबेडकर चौक
- देहरादून चौक
- कुतुबशेर चौक
- बेहट अड्डा
- पुरानी चुंगी
- नकुड़ तिराहा
- राकेश केमिकल चौकी
- दर्पण टॉकिज
- शुगर मिल चौक
- मंडी तिराहा
- नुमाइश कैंप
यातायात पुलिस करती है रोजाना 70 से 80 चालान
- विभिन्न थाना क्षेत्रों में सिविल पुलिस सामान्य दिनों में रोजाना 150 से 200 वाहनों के चालान करती है। रोजाना 3000 से अधिक वाहनों की चेकिंग की जाती है। इनमें अधिकतर दुपहिया वाहन होते हैं। वहीं, यातायात पुलिस रोजाना 70 से 80 वाहनों के चालान ही करती है। इसका बाकी समय यातायात व्यवस्था बनाए रखने में निकलता है।
कोरोना काल में काटे गए छह करोड़ रुपये के चालान
- कोरोना संक्रमण काल में ही मार्च से अब तक सिविल और यातायात पुलिस की टीमों ने अब तक छह करोड़ रुपये के चालान काटे हैं। इनमें वाहनों के मान्य दस्तावेज न होना, तेज रफ्तार वाहन चलाना, हेलमेट न लगाना, लॉकडाउन का उल्लंघन करना, मास्क न लगाना, शराब पीकर गाड़ी चलाना आदि कारण शामिल हैं।
वाहनों की चेकिंग आसान काम नहीं
- पुलिस अधीक्षक यातायात प्रेमचंद कहते हैं कि अभी लिखित कोई आदेश इस बारे में नहीं आया है। यदि ऐसा होता भी है तो यह काम इतना आसान नहीं होगा। इस स्थिति में स्टाफ और अधिक बढ़ाना होगा। यातायात कर्मचारियों के साथ ही होमगार्ड या पीआरडी जवानों की संख्या बढ़ानी होगी।
अभी इस बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं
- एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि ऐसा उन्होंने भी सुना है लेकिन स्थिति स्पष्ट नहीं है। शासन के जैैैैसे भी निर्देश होंगे, उसके अनुरूप तैयारी भी कर ली जाएगी। ज्यादातर वाहन चेकिंग नियमों का अनुपालन कराने और आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने के लिए की जाती रही है।
देहरादून रोड़ पर यातायात चलाते यातायात कर्मी- फोटो : SAHARANPUR