मिर्जापुर। यमुनानगर की खिदराबाद मंडी में धान बेचने जा रहे 50 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉली करीब 30 घंटे तक हथिनीकुंड चौकी सीमा पर खड़े रहे, जिन्हें हरियाणा में प्रवेश नहीं दिया गया। बुधवार को धरना-प्रदर्शन के बाद अफसरों ने हरियाणा के अधिकारियों से वार्ता की। इसके बाद ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को वहां पर जाने दिया गया। किसानों ने तीन दिन में स्थायी समाधान का अल्टीमेटम दिया है।
दरअसल, उत्तर प्रदेश के अधिकतर किसान अपनी धान की फसल हरियाणा की अनाज मंडियों में ले जाकर बेचते हैं। मंगलवार सुबह धान से भरी 50 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को हथिनीकुंड पुलिस चौकी पर रोक दिया गया। उन्हें हरियाणा में प्रवेश नहीं दिया गया। इससे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का लंबा जाम लग गया।
रात भर किसान वहीं पर डटे रहे। बुधवार को भाकियू (लोकशक्ति) के जिलाध्यक्ष ठाठ सिंह राणा के नेतृत्व में हथिनीकुंड चौकी पहुंचे और धरने पर बैठ गए। जिलाध्यक्ष ने कहा कि हरियाणा के अधिकारी हर वर्ष यूपी के किसानों की धान की फसल के दौरान अपनी मनमानी करते हुए लेने से इन्कार कर देते हैं।
जाम के हालात बनते देख मौके पर पहुंचे कोतवाली प्रभारी सुनील नागर ने एसडीएम मानवेंद्र सिंह से फोन पर बात की। इस पर एसडीएम ने हरियाणा के अधिकारियों से वार्ता कर किसानों की ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को धान मंडी में प्रवेश कराने की अनुमति दिलाई। करीब दो बजे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को रवाना किया गया।
किसानों ने चेताया कि तीन दिन में स्थायी समाधान चाहिए। धरने को जिला प्रभारी सोनी राणा, तहसील सचिव जगराम सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर तहसील अध्यक्ष भीमसेन राणा, जिला संगठन मंत्री सतीश, राजेश कुमार, फुरकान, मास्टर वीरभान, मीडिया प्रभारी अमन राणा आदि रहे।