देवबंद (सहारनपुर)। रणसूरा गांव में वन्य जीव क्रूरता का मामला सामने आया है। आरोपियों ने कछुए को चूल्हे पर जिंदा जलाया। बताया जा रहा है कि उसे भूनकर खा गए। जिसके बाद उसराव वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। पता चलने पर पुलिस ने प्रधान की तहरीर पर दो आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया।
मामला राजूपुर पुलिस चौकी के अंतर्गत पड़ने वाले रणसूरा गांव का है। यहां दो युवकों ने कछुए को जिंदा जला दिया। हद तो उस वक्त हो गई जब आरोपियों ने कछुए को जलाने का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। मामला पुलिस तक पहुंचा तो शनिवार को दोनों आरोपी सुनील और आकाश का शांतिभंग की धाराओं में चालान कर इतिश्री कर दी गई। वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल होने के बाद पुलिस के हाथ-पैर फूल गए।
ग्राम प्रधान फारूक ने इस मामले को लेकर तहरीर दी। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों ने बार-बार पुलिस को गुमराह किया। वीडियो मुख्य आरोपी आकाश की फेसबुक पर पोस्ट हुआ था। उसने बताया कि यह वीडियो शनिवार का है, लेकिन बाद में बयान पलटते हुए बताया कि वीडियो कई महीने पुराना है।
एसपी देहात सागर जैन ने बताया कि दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
आरोपियों ने की क्रूरता की हदें पार
वीडियो देखकर हर किसी का दिल दहल जाएगा। आरोपियों ने कछुए को ईंटों के चूल्हे पर रखकर उसके नीचे आग जलाई हुई है। एक युवक कछुए को पैरों से आग में दबा रहा है। यह भी बताया जा रहा है कि इसके बाद आरोपी कछुए को भूनकर को खा गए। जो न सिर्फ वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन अधिनियम के तहत कानूनन अपराध है, बल्कि कछुए को पकड़ने, मारने और खाने पर सात साल की सजा का प्रावधान है।