सहारनपुर के गंगोह में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान किसान अपनी मर्जी के मुताबिक किसी भी पार्टी के उम्मीदवार को वोट देने के लिए स्वतंत्र है। उन्होंने किसानों को हिदायत देते हुए कहा कि वोट देने या दिलवाने के लिए वे आपस में लड़ाई झगड़ा बिल्कुल न करें।
सलारपुरा मार्ग स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में पत्रकारों से वार्ता में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि भाकियू एक अराजनैतिक संगठन है। हम किसी भी पार्टी या उम्मीदवार का समर्थन नहीं करते हैं। किसान किसी भी पार्टी के प्रत्याशी को वोट देने के लिए स्वतंत्र है। वोटों के लिए किसान आपस में झगड़ा न करें।
बल्कि आपस में मिल-जुलकर रहें। प्रदेश या देश में किसी भी पार्टी की सरकार रही हो किसानों के हितों के लिए भाकियू ने हमेशा ही संघर्ष किया है। केंद्र सरकार द्वारा किसानों के खाते में पैसे भेजे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम बिल्कुल गलत है। कुछ किसानों को योजना का लाभ मिला है और कुछ को नहीं।
इसकी बजाय खाद, बीज, बिजली के बिलों पर छूट देने का काम करना चाहिए था। प्रदेश में बिजली तो ठीक मिल रही है, लेकिन बिजली के रेट भी सरकार ने अन्य राज्यों के मुकाबले ज्यादा कर रखे हैं। सरकार ने अभी तक गन्ना मूल्य की घोषणा नहीं की और सुप्रीम कोर्ट द्वारा गन्ने का भुगतान 14 दिनों में करने के आदेश पर भी सरकार खरी नहीं उतर पा रही है।
किसानों की आय दोगुनी करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी तो नहीं हुई, मगर कुछ बढ़ोतरी जरूर देखी जा रही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने फंदपुरी में गन्ना डायरेक्टर वेदपाल के यहां अभिनंदन समारोह में जाने से पूर्व गंगोह में पत्रकारों से बातचीत की।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मैनपाल चौहान, पूर्व मंडल महामंत्री चौधरी देशपाल सिंह, जिला महामंत्री अशोक चौधरी, नगराध्यक्ष मेहरबान कुरैशी, नगर उपाध्यक्ष जितेंद्र शर्मा, चौधरी अरविंद उमरपुर, प्रदीप ठाकुर, संजय कुमार, प्रदीप पंवार, बिट्टू उर्फ सत्येंद्र पंवार, पप्पू, रूपेंद्र, विपिन, नीटू, राजकुमार सैनी, पूर्व प्रधान करनैल सिंह, ध्यान सिंह, गोपी प्रधान, धूम सिंह, सतीश, विनोद, जिलेदार, इरशाद, इस्लाम, नितिन, राजपाल, सुरेश, सलीम, अर्जुन, संजीव, पुनीत, जहांगीर, इसरार, प्रताप कश्यप, अफजाल, जोगेंद्र, मैनपाल आदि मौजूद रहे।