सहारनपुर। पीट-पीटकर हत्या करने के दोषी को अदालत ने आजीवन कारावास और तीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। उधर, आदिल हत्याकांड में भी अदालत ने दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
दो जून 2022 को ईसम सिंह का शव थाना सरसावा के शाहजहांपुर चौकी क्षेत्र के कृष्णा ढाबे में मिला था। मृतक ईसम गांव सतीवाला का रहने वाला था। मृतक की पत्नी ने मामले में तहरीर दी थी। पुलिस ने ईसम सिंह के साथ काम करने वाले शंकर निवासी ग्राम खानुआ जिला भरतपुर, राजस्थान को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि शंकर ने अपने कमरे से निकलकर दूसरे कर्मचारी को बताया कि ईसम सिंह उसके साथ गाली गलौज कर रहा था।
इसके बाद उसने डंडे से ईसम सिंह को पीट दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ईसम सिंह को अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन चिकित्सकों ने ईसम सिंह को मृत घोषित कर दिया। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश एससी-एसटी मोहम्मद अहमद खान ने दोषी करार देते हुए शंकर को आजीवन कारावास और तीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
उधर, मामले के अनुसार, आदिल पुत्र शकील निवासी शेखपुरा कदीम ने 26 नवंबर 2013 को तहरीर देकर अपने भाई 18 वर्षीय आमिल की हत्या का आरोप लगाया था।
बताया था कि माजु उर्फ शाहनवाज पुत्र फैजान, रहमानी पुत्र गुफरान निवासी शेखपुरा कदीम और राजेंद्र पुत्र गुरुचरण निवासी सरदारों का डेरा ने उसके भाई आमिल की हत्या की है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया और अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-11 में चल रही थी।
पत्रावलियों पर आए साक्ष्य और गवाहों को सुनने के बाद अदालत ने माजु उर्फ शाहनवाज और राजेंद्र को आजीवन कारावास और 1.40 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है, जबकि आरोपी रहमानी को दोषमुक्त कर दिया।