पता लगने के बाद से दंपति टेंशन में है, जिन्हें अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सताने लगी है। हालांकि काउंसलर ने उन्हें समझाया है कि नियमित रूप से इलाज कराने से वह लंबे समय तक बचे रहेंगे। दोनों ही ने एआरटी से इलाज भी शुरू करा दिया है।
उधर, दंपति के साथ ही एक अन्य व्यक्ति में भी एचआईवी पॉजिटिव पाया गया है। मगर वह एआरटी नहीं पहुंचा है। माना जा रहा है कि वह शर्म और झिझक की वजह से नहीं आया है, जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए।
एआरटी के संचालक आरके गोयल ने बताया कि पिछले कुछ साल से एचआईवी पॉजिटिव के अनेक मामले सामने आ रहे हैं। वर्ष 2018 यानी 15 दिन में 17 नए लोगों में एचआईवी पॉजिटिव पाया गया है। ऐसे में लोगों को एहतियात बरतने की जरूरत है।