सहारनपुर के छुटमलपुर में फतेहपुर थाना क्षेत्र के गांव रेहड़ी मुस्तहकम में शुक्रवार की तड़के मॉर्टिन क्वाइल से लगी आग में तीन बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। इन्हें बचाने के प्रयास में मां बाप भी झुलस गए।
ग्रामीणों की मदद के बाद बड़ी मुश्किल से आग पर काबू पाया गया और सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मेरठ रेफर कर दिया। मेरठ में दस वर्षीय बच्ची की मौत हो गई, जबकि उसके दो भाइयों की हालत गंभीर है।
छुटमलपुर की हरनाम सिंह नगर कालोनी में वेल्डिंग की दुकान करने वाले कलीम का पास के गांव रेहड़ी मुस्तहकम में घर है। बृहस्पतिवार की रात उसके तीन बच्चे 13 वर्षीय मोहम्मद कैफ, दस वर्षीय अजरा और आठ वर्षीय मोहम्मद सैफ कमरे में एक ही बेड पर सोए हुए थे।
उससे सटे कमरे में कलीम और उसकी पत्नी तबस्सुम सोए हुए थे। बच्चों के कमरे में मच्छर भगाने के लिए मॉर्टिन क्वाइल लगाई हुई थी। सुबह अजान से पहले सवा चार बजे बच्चों के कमरे से निकल रहे धुएं से दम घुटने पर कलीम और उसकी पत्नी की आंख खुली तो उसके होश उड़ गए।
बच्चों के कमरे से आग की लपटें उठ रही थीं और बच्चे चिल्ला रहे थे। इसके बाद बदहवास दंपति ने शोर मचाते हुए बच्चों को कमरे में घुस कर निकालने का प्रयास किया तो वे भी झुलस गए।
इसी दौरान शोर सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने पानी डाल कर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक तीनों बच्चे गंभीर रुप से झुलस चुके थे। ग्रामीणों ने बच्चों और उनके मां बाप को सहारनपुर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां बच्चों की हालत ज्यादा खराब होने के चलते उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
इसके बाद बच्चों को मेरठ अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान अजरा की मौत हो गई, जबकि उसके दो भाइयों की हालत गंभीर बनी हुई है। उधर, एसओ फतेहपुर का कहना था कि मुझे मामले की जानकारी नहीं है। वह गांव जाकर स्थिति की जानकारी करेंगे।