- वाहनों में सवार आठ लोगों को आई मामूली चोटें
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़गांव। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बुधवार रात कार से टकरा तीन छुट्टा गोवंश की मौत हो गई। इस दौरान एक के बाद एक करके छह वाहन आपस में टकरा गए। गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई। आठ लोगों को मामूली चोटें आई हैं। 100 किमी की रफ्तार वाले एक्सप्रेसवे पर निराश्रित पशुओं के आने से यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहा है।
बुधवार रात आठ बजे तीन निराश्रित गोवंश बड़गांव इंटरचेंज के जरिए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे पर चढ़ गए, जो दिल्ली की ओर चल दिए। जैसे ही तीनों इंटरचेंज से करीब दो किमी दूर बडूली रेस्ट एरिया के नजदीक पहुंचे तभी देहरादून की ओर से आ रही तेज रफ्तार कार से उनकी टक्कर हो गई। इसके बाद एक के बाद एक छह वाहन आपस में टकरा गए। इनमें आठ लोगों को मामूली चोटें आई, जिन्होंने निजी अस्पताल में अपना उपचार कराया। हादसे में तीनों गोवंश की मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस द्वारा मृत गोवंशों को जेसीबी की सहायता से गड्ढा खोदवाकर एक्सप्रेसवे किनारे दफनाया गया। इसके बाद आपस में टकराई कई गाड़ियों को हाइड्रा से हटवाते हुए किनारे कराया गया।
एक्सप्रेसवे पर गोवंश के आने से उठे सुरक्षा पर सवाल
जमीन से करीब 10 फीट ऊंचाई पर बने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर निराश्रित गोवंशों के पहुंचने की घटना ने वन्यजीवों के इस पर प्रवेश रोकने के इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। झुंड बनाकर तीव्र गति से दौड़ने वाली नीलगाय एवं निराश्रित गोवंशों से सड़कों पर अक्सर हादसे होते आ रहे हैं। फेंसिंग लगाए जाने के बावजूद निराश्रित पशु सड़क तक कैसे पहुंच गए। एनएचएआई के अधिशासी अभियंता सोनू सिंह ने बताया कि यह इंटरचेंज पर मौजूद गार्ड एवं ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों की जिम्मेदारी है कि निराश्रित पशुओं तथा वन्यजीवों को एक्सप्रेसवे पर चढ़ने से रोका जाए।