सहारनपुर। अगर आप पनीर खाने के शौकीन हैं तो सावधान रहिए। पनीर के नाम पर जहर खा रहे हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने पूर्व में जांच के लिए भेजे गए पनीर के 15 नमूने असुरक्षित पाए गए हैं। जांच में सामने आया है कि पनीर में रिफाइंड पाया गया।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की मंडलीय टीम समय-समय पर दूध डेयरी, प्रतिष्ठान आदि का निरीक्षण करती रहती है। अप्रैल 2024 से मार्च 2025 तक टीम ने 106 पनीर के नमूने एकत्रित किए। इन्हें जांच के लिए अलग-अलग प्रयोगशाला में भेजा गया। उनमें से 60 पनीर के नमूनों की रिपोर्ट आई है। इनमें 35 नमूने अधोमानक पाए गए हैं, जबकि 15 नमूने असुरक्षित मिले। नमूनों की जांच में पता चला है कि रिफाइंड के माध्यम से तैयार किए गए नकली दूध से पनीर को तैयार किया गया था। जिन दुकानदारों के यहां से नमूने लिए गए थे, उन्हें नोटिस जारी किया गया है।
- एक दिन पहले पकड़ी थी पनीर बनाने की फैक्टरी
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने एक दिन पहले शेखपुरा कदीम में छापा मारकर घर में पनीर बनाने की फैक्टरी पकड़ी थी। यहां पर रिफाइंड मिलाकर पनीर को तैयार किया जा रहा था। मौके पर आठ क्विंटल पनीर को नष्ट कराया था। हालत यह मिली थी कि पनीर पर मिक्खयां भिनभिनातीं मिलीं।
- वर्जन
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों का नमूना लेकर जांच के लिए भेजती है। प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद कारोबारियों पर कार्रवाई होती है।- अशोक शर्मा, सहायक आयुक्त प्रथम, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग