कलक्ट्रेट तिराहे पर ग्रीन लाइट होने के बाद भी रोका गया ट्रैफिक।
सहारनपुर। करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई स्मार्ट यातायात व्यवस्था मजाक बनकर रह गई है। इसमें हरी बत्ती पर गाड़ियां रुक रही हैं, तो लाल बत्ती होने पर वाहन दौड़ रहे हैं। पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी बंद पड़े हैं। बुधवार को इसे लेकर पड़ताल की गई तो कुछ ऐसे ही हालात मिले।
दरअसल, स्मार्ट सिटी योजना के तहत महानगर के प्रमुख चौराहों और तिराहों पर ट्रैफिक सिग्नल, हाई रेजोल्यूशन कैमरे, सीसीटीवी कैमरे, पब्लिक एड्रेस सिस्टम आदि लगाए गए हैं।
स्मार्ट कही जाने वाली यातायात व्यवस्था फिलहाल फेल साबित हो रही है। अकेले जनकपुरी तिराहे पर ट्रैफिक सिग्नल चल रहे हैं, लेकिन बाकी जगहों पर सिग्नल बेमाने साबित हो रहे हैं।
महानगर के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त चौराहे घंटाघर पर ट्रैफिक सिग्नल बंद हैं। बुधवार को भी यहां सिग्नल बंद मिले और पूर्व की तरह यातायातकर्मी कमान संभाले नजर आए। दीवानी कचहरी और कलक्ट्रेट के सामने भी यातायातकर्मी अपने हिसाब से ट्रैफिक संचालित करते मिले। इन दोनों जगहों पर लाल बत्ती के दौरान ट्रैफिक चलता मिला और हरी बत्ती जलने के दौरान ट्रैफिक रोका गया, जो हास्यास्पद स्थिति है।
यातायात व्यवस्था पर नजर रखने के लिए लगाए गए 830 कैमरों में से 100 से अधिक कैमरे बंद हैं। दो दिन पहले सीईओ द्वारा ली गई बैठक में एनई के प्रोजेक्ट मैनेजर यह बात स्वीकार कर चुके हैं कि कनेक्शन नहीं होने के कारण कैमरे बंद हैं। इनके अलावा ट्रैफिक सिग्नल के साथ लगे पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी बंद हैं।