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थर्ड पार्टी बीमा न कराने वाले वाहन होंगे सीज

Wed, 04 Jan 2017 12:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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प्रदेश में वाहनों का थर्ड पार्टी बीमा अनिवार्य कर दिया गया है। अपर परिवहन आयुक्त ने इसके लिए प्रदेश भर में पत्र जारी कर जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इतना ही नहीं, चेकिंग के दौरान बगैर बीमा चलते मिले वाहनों को सीज करने के निर्देश भी दिए गए हैं। स्थानीय स्तर पर संभागीय परिवहन विभाग ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है।
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 अपर परिवहन आयुक्त गंगाफल ने बीमा नियमावली विकास प्राधिकरण एवं सामान्य बीमा परिषद की सूचना का हवाला देते हुए कहा है कि प्रदेश में 50 फीसदी से अधिक वाहन बिना थर्ड पार्टी बीमा हुए ही सड़कों पर दौड़ रहे हैं। सड़क हादसों की दशा में वाहन की थर्ड पार्टी बीमा न होना पीड़ित के साथ ही वाहन स्वामी के लिए भी नुकसानदायक होता है।

उन्होंने आदेश में कमेटी ऑन रोड सेफ्टी की गाइड लाइन का जिक्र भी किया है। अपर परिवहन आयुक्त के पत्र के बाद संभागीय परिवहन विभाग ने अपने स्तर से तैयारी शुरू कर दी है। जल्द ही विभागीय अधिकारी चेकिंग अभियान चलाकर बिना र्थड बीमा हुए चलने वाले वाहनों को सीज करने की कार्रवाई करेंगे। 
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31 तक सभी वाहनों के बीमे का लक्ष्य 
सहारनपुर। वाहनों का चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। कहा गया है कि वाहनों की चेंकिंग ऐसे करें कि 31 जनवरी 2017 तक सभी प्रकार के वाहन थर्ड पार्टी बीमा से आच्छादित हो जाएं। बीमा न होने वाले वाहनों को सीज कर दिया जाए और तब तक उस वाहन को न छोड़ा, जब तक बीमा की मूल प्रति संबंधित वाहन स्वामी प्रस्तुत न कर दे। 

जागरूकता लाने के निर्देश 
सहारनपुर। अपर परिवहन आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि चेकिंग अभियान चलाने से पहले जिला सूचना अधिकारी के माध्यम से सभी समाचार पत्रों में विज्ञप्ति प्रकाशित कराकर जागरूकता लाई जाए। जिससे वाहन सीज करने के दौरान यह करने की स्थिति में न हो कि उन्हें पता नहीं था। 

इसलिए जरूरी है थर्ड पार्टी बीमा  
विभाग का मानना है कि बिना थर्ड पार्टी के यदि सड़क दुर्घटना हो जाती है, तो बीमा नहीं होने की वजह से संबंधित वाहन स्वामी को दुर्घटना में पीड़ित या उसके परिवार को क्षतिपूर्ति का भुगतान करना होता है।

इसके लिए क्लेम ट्रिब्यूनल में संबंधित पक्षकार की वाद दायर करने की जरूरत पड़ती है और ऐसी स्थिति में वाहन स्वामी अक्सर प्रकरण का निस्तारण जल्द नहीं होने देते। इसकी वजह से पीड़ित को क्षतिपूर्ति की राशि नहीं मिल पाती है। मगर यदि वाहन का थर्ड पार्टी बीमा हो तो सड़क हादसे की स्थिति में पीड़ित को क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान कंपनी के द्वारा किया जाता है। 

क्या कहता है कानून 
केंद्रीय मोटरयान नियमावली 1988 में सभी प्रकार के वाहनों का थर्ड पार्टी बीमा होने का प्रावधान है। अधिनियम की धारा 146 में किए गए प्रावधान के अनुसार प्रत्येक वाहन चाहे कामर्शियल हो या निजी जैसे बाइक मोटर कार आदि हो। सभी का थर्ड पार्टी बीमा होना जरूरी है।

जल्द चलेगा अभियान
सभी प्रकार के वाहनों का थर्ड पार्टी बीमा होना जरूरी है। अपर परिवहन आयुक्त ने सभी जिलों को पत्र लिखकर इसे अनिवार्य रूप से लागू कराने के निर्देश दिए हैं। आदेश के अनुपालन में जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। 
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- एके गुप्ता, आरटीओ। 
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