सहारनपुर। जनपद से आम का निर्यात बढ़ाने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए मंडी समिति जनपद के प्रगतिशील आम उत्पादकों और निर्यातकों की बैठक आयोजित कराएगी। जिसमें देश भर से आए निर्यातक उत्पादकों को निर्यात योग्य आम के मानकों की जानकारी देंगे, साथ ही सब्जियों के निर्यात पर भी मंथन किया जाएगा। मई में यह बैठक प्रस्तावित है।
विदेशों में जनपद के आम को खासा पसंद किया जाता है। इसके चलते यहां मंडी समिति परिसर स्थित मैंगो पैक हाउस से प्रसंस्कृत कर आम का प्रतिवर्ष काफी मात्रा में कई देशों को निर्यात किया जाता है। यहां पर आम की धुलाई और शुष्क हवा उपचार दिया जाता है। जिससे आम में किसी भी प्रकार का कीटाणु न रह पाए। इसके बाद आम की पैकिंग कर इसे निर्यात के लिए विदेशों में भेजा जाता है। विदेशों में दशहरी, चौसा, लंगड़ा और रामकेला आदि प्रजातियों को खासी मांग रहती है। पिछले दो वर्षों में कोरोना संक्रमण के चलते आम का निर्यात भी प्रभावित हुआ है।
इन देशों में होता है आम का निर्यात
जनपद से कई देशों को आम का निर्यात होता है। इनमें से अमेरिका, आस्ट्रेलिया, जर्मनी, इंग्लैंड, स्वीडन, उजबेकिस्तान, इटली, दक्षिणी कोरिया, नेपाल, दुबई, भूटान, स्विटजरलैंड, फ्रांस आदि मुख्य हैं।
आम के साथ ही सब्जियों के निर्यात को देंगे बढ़ावा
मई महीने में देश भर से निर्यातकों और जनपद के आम के प्रगतिशील बागवानों की बैठक की जाएगी। जिसमें निर्यातक, बागवानों को निर्यात योग्य आम के मानकों की जानकारी देंगे। इसके अलावा लौकी, भिंडी, अरबी, हरी मिर्च आदि सब्जियों के निर्यात पर भी मंथन किया जाएगा। जिससे जनपद से सब्जियों के निर्यात को बढ़ावा दिया जा सके। --- अशोक गुप्ता, मंडी सचिव।
पिछले पांच वर्षों में आम का निर्यात
वर्ष आम का निर्यात
2017-18 352297 किलोग्राम
2018-19 361595 किलोग्राम
2019-20 727895 किलोग्राम
2020-21 268001 किलोग्राम
2021-22 286110 किलोग्राम
(नोट: मंडी समिति के आंकड़ों के अनुसार)