संवाद न्यूज एजेंसी
छुटमलपुर/गागलहेड़ी। शुक्रवार शाम करीब पौने सात बजे हम काम खत्म कर लौट रहे थे। मेरे साथ भाई सूफियान और हरियाबांस गांव निवासी उस्मान व दो अन्य मजदूर भी थे। इसी दौरान पीछे से अचानक कई राउंड फायरिंग हुई। जिसमें एक गोली सूफियान और एक गोली उस्मान को लगी। दोनों लहूलुहान होकर गिर गए, तभी वहां पर भगदड़ मच गई। कुछ पल के लिए समझ ही नहीं आया कि आखिर क्या हुआ।
वहां से गुजर रहे लोग जान-बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे। मैं भी अपने भाई और साथी उस्मान को घायल अवस्था में वहां से लेकर भागा। फायरिंग करने के बाद हमलावर भी वहां से भाग गए। घटना के बाद परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन मोबाइल की बैटरी खत्म थी। अल्लाह का शुक्र है कि जान बच गई। यह पूरा मामला जम्मू कश्मीर के बड़गाम में आतंकियों की गोली के शिकार हुए सूफियान के भाई शाहबाज ने फोन पर बातचीत के दौरान बताई।
फतेहपुर थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर कला निवासी इनाम के दो बेटे सूफियान और शाहबाज 9 अगस्त को देवबंद के ठेकेदार के साथ जम्मू कश्मीर के बड़गाम में काम करने गए थे।
वहां पर वह जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी का काम कर रहे हैं। उनके साथ गागलहेड़ी थाना क्षेत्र के गांव हरियाबांस का उस्मान पुत्र जुल्फान भी काम कर रहा है। तीनों वेल्डर हैं।
शुक्रवार शाम जम्मू कश्मीर के बड़गाम में सूफियान और उस्मान को आतंकियों ने गोली मार दी थी, जिसमें दोनों घायल हो गए थे। जिनका अस्पताल में उपचार चल रहा है।
n परिजन डर जाएंगे, इसलिए उस्मान ने नहीं दी जानकारी : गांव हरियाबांस निवासी उस्मान मलिक के बड़े भाई गुफरान ने बताया कि उनके परिवार में माता पिता के साथ ही चार भाई और चार बहनें हैं। उस्मान सबसे छोटा और अविवाहित है।
उस्मान से रात 9 बजे भी फोन पर बात हुई थी, लेकिन उसने गोली लगने की बात नहीं बताई। सुबह उन्हें सोशल मीडिया और कुछ न्यूज चैनल के माध्यम से पता चला, तब वीडियो कॉल पर बात कर राहत की सांस ली। ं