फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मंडी समिति के राजस्व में आई डेढ करोड रूपये की कमी

विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। मंडी से बाहर खरीद करने पर मंडी शुल्क समाप्त होने और उत्पादों पर मंडी शुल्क घटने का असर राजस्व पर पड़ने लगा है। विगत वर्ष अप्रैल से अगस्त और इस वर्ष इसी अवधि के दौरान मंडी समिति के राजस्व में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की कमी आई है।
विज्ञापन

मंडी से बाहर कारोबार करने वाले व्यापारियों को मंडी शुल्क से राहत के चलते काफी व्यापार बाहर शिफ्ट हो गया है। इसके और मंडी शुल्क में कमी के चलते मंडी का राजस्व घट गया है। मंडी में आढ़तियों को पहले दो प्रतिशत मंडी शुल्क देना पड़ता था। इसे घटाकर एक प्रतिशत कर दिया। साथ ही लकड़ी मंडी, किराना, चावला, राइस मिल, फ्लोर मिलों के मंडी परिसर से बाहर कारोबार करने से भी मंडी शुल्क प्राप्त नहीं हो रहा है। इसका असर मंडी के राजस्व पर पड़ा है। वर्ष 2020 के अप्रैल से अगस्त माह में मंडी समिति ने 2,11,06,926 रुपये का राजस्व अर्जित किया था। इस वर्ष इसी अवधि में मात्र 58,16,526 रुपये का ही राजस्व प्राप्त हो सका है।
विगत वर्ष की तुलना में इस बार मंडी समिति के अप्रैल से अगस्त तक के राजस्व में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की कमी आई है। इसकी बड़ी वजह मंडी से बाहर कारोबार मंडी शुल्क से मुक्त होने और मंडी शुल्क को घटना है। मंडी समिति परिसर से बाहर चलने वाली लकड़ी मंडी, किराना, चावल, फ्लोर मिल, राइस मिल आदि से भी अब मंडी शुल्क प्राप्त नहीं हो रहा है। -- अशोक सिंह सोलंकी, मंडी सचिव।
विज्ञापन

-
आढ़ती बोले, बाहर शिफ्ट करना पड़ेगा कारोबार
मंडी का काफी कारोबार बाहर शिफ्ट हो गया है। दाल, चावल, किराना आदि का कारोबार मंडी से बाहर ही चला गया है। हमें भी मजबूरन कारोबार बाहर ही शिफ्ट करना होगा। क्योंकि मंडी में कारोबार करने पर मंडी शुल्क देना पड़ता है बाहर नहीं। -- राजीव कक्कड़, आढ़ती।
जब से बाहर खरीदारी शुरू हुई है तब से मंडियों में कारोबार कम हो गया है। मंडी का 50 फीसदी से अधिक कारोबार बाहर शिफ्ट हो गया है। इससे मंडी के व्यापार पर विपरीत असर पड़ा है। हम भी लाइसेंस लेकर कारोबार को बाहर ही शिफ्ट करेंगे। -- विनय अरोड़ा, आढ़ती।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें