सहारनपुर। नामांतरण के लिए चक्कर काट रहे लोगों को अब तारीख पर तारीख नहीं, बल्कि न्याय मिल रहा है। मंडलभर में पांच वर्ष से अधिक का कोई भी वाद ऐसा नहीं है जो अधिकारियों की अदालतों में लंबित हो। मंडल में तीन वर्ष से अधिक और पांच वर्ष से कम अवधि के लंबित वादों की संख्या भी मात्र 18 है।
शासन के निर्देशों के तहत राजस्व संहिता की धारा-34 के तहत नामांतरण वादों का तेजी से निपटारा किया जा रहा है। मंडलभर में अभी तक कुल 3.66,446 वाद विभिन्न न्यायालयों में दाखिल किए गए हैं, जिनमें से 3.55,768 का निस्तारण करा दिया गया है।
मंडल के तीनों जनपदों में 10,678 वाद लंबित है। इनमें से ऐसे वादों की संख्या 10,052 है, जो एक वर्ष से अधिक लंबित है। एक से तीन वर्ष के बीच लंबित वादों की मात्र 608 है। मंडल में नामांतरण के सबसे अधिक वाद सहारनपुर जनपद में दायर किए गए हैं। यहां पर 96 फीसदी वादों को निस्तारण हुआ है।
इसी तरह शामली में सबसे कम वाद दायर हुए हैं। मुजफ्फरनगर में भी 96 फीसदी वादों का निस्तारण कराया गया है। मंडलायुक्त ने तीनों जिलों के अधिकारियों को नामांतरण वादों को तेजी से निपटारे के निर्देश दिए हैं। ऐसे में मुकदमों के निस्तारण की प्रक्रिया को और गति मिली है। त्वरित न्याय से नामांतरण कराने के लिए लोगों को समय पर न्याय की उम्मीद जगी है।
- यह है स्थिति
जनपद का नाम-योजित वाद-निस्तारित वाद-लंबित वाद
सहारनपुर-1,98,984192,9885996
मुजफ्फरनगर-1,23,2381,19,5183720
शामली-44,22443,262-962
योग3,66,446-3,55,768-10,678