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...तो शिवालिक वन क्षेत्र में भ्रमण करेगा टाइगर

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सहारनपुर। उत्तराखंड वन विभाग और डब्ल्यूडब्ल्यूआई (वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया) की तरफ से चल रहे प्रयासों के तहत अक्तूबर माह के अंतिम सप्ताह में राजाजी पार्क में टाइगर छोड़ा जाएगा। यह टाइगर जिम कार्बेट से लाया जाना है। शिवालिक वन प्रभाग की सीमा भी राजाजी पार्क से ज्यादा दूर नहीं है। लिहाजा अब उस उम्मीद को पंख लगते नजर आ रहे हैं, जो शिवालिक क्षेत्र को प्रदेश का चौथा टाइगर रिजर्व बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों से बनी है।
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इस संबंध में सहारनपुर मंडलायुक्त संजय कुमार की उत्तराखंड वन विभाग और डब्ल्यूडब्ल्यूआई की टीम से वार्ता हुई है, जिसमें पता चला कि जिम कार्बेट से टाइगर लाकर राजाजी पार्क में छोड़ा जाना है। उसके लिए अभी तारीख तय नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि अक्तूबर के अंतिम सप्ताह में टाइगर यहां लाकर छोड़ा जाएगा।
दरअसल, शिवालिक वन प्रभाग 33229 हेक्टेयर में है। इसके पूर्वी भाग में राजाजी राष्ट्रीय पार्क और पश्चिम में कलेसर वन्य जीव अभ्यारण्य और उत्तर पश्चिम में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर सेंक्चुरी है। जहां वन्य जीव तीन राज्यों से संबंधित राष्ट्रीय पार्क/ वन्य जीव विहार क्षेत्रों में आते जाते हैं। लिहाजा शिवालिक वन प्रभाग का वन क्षेत्र, वन्य जीवों का कॉरिडोर है। वन क्षेत्र 40 से 50 किलोमीटर में हैं। राजाजी राष्ट्रीय पार्क के धौलखंड क्षेत्र में टाइगर का विचरण होता है, जो शिवालिक के मोहंड रेंज से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर है। टाइगर का विचरण करीब 40 से 50 किलोमीटर के दायरे में माना जाता है।
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डब्ल्यूडब्ल्यूआई और उत्तराखंड वन विभाग के वरिष्ठ शोधकर्ताओं से वार्ता हुई है, जिसमें उन्होंने अक्तूबर के अंतिम सप्ताह तक वेस्टर्न राजाजी पार्क में टाइगर लाकर छोड़ने की बात कही है। उत्तराखंड के धोलखंड और बेरीबाड़ा से शिवालिक वन प्रभाग से सटा हुआ है। मोहंड से करीब 10 किलोमीटर की दूरी है। इससे वह सपना भी पूरा होगा, जब शिवालिक वन प्रभाग में टाइगर विचरण करता दिखेगा। - संजय कुमार, मंडलायुक्त
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