सहारनपुर। अजय कुमार नारंग का पूरा परिवार कोविड 19 के संक्रमण की चपेट में आ गया था। बावजूद इसके परिवार ने कोरोना के खिलाफ जंग में हार नहीं मानी। खुद को घर में ही आइसोलेट किया। चिकित्सक की सलाह पर दवाएं लीं और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए अन्य भी उपाय किए और आखिरकार कोरोना को हरा दिया।
शहर के बसंत विहार निवासी अजय कुमार नारंग कपड़ा कारोबारी हैं और प्रताप मार्केट में इनका प्रतिष्ठान है। परिवार में पत्नी मालती नारंग, बेटा अर्पित और बेटी सृष्टि हैं। एक अप्रैल को अजय नारंग ने आईएमए भवन में अपनी कोविड जांच कराई, तब इनमें संक्रमण का कोई लक्षण नहीं था, जिस कारण वह सामान्य रूप से घर में रहते रहे। सैंपल की जांच रिपोर्ट छह अप्रैल को मिली, जिसमें वह पॉजिटिव आए। तब तक पत्नी, बेटा, बेटी में भी संक्रमण के लक्षण आ चुके थे। इसके बाद सात अप्रैल को उन्होंने प्राइवेट लैब से पूरे परिवार की कोविड जांच कराई, जिसमें सभी लोग संक्रमित पाए गए। इसके बाद उनकी पत्नी, बेटा और बेटी पॉजिटिव आए, लेकिन अजय की जांच रिपोर्ट निगेटिव आ गई थी। इस पर पूरा परिवार होम आइसोलेशन में रहा। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से किट दी गई थी। गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल के चिकित्सक शुभांक से ऑनलाइन चिकित्सकीय परामर्श के आधार पर दवाएं लेते रहे। दिन में काढ़ा पीते रहे और सुबह नियमित योग भी किया। इसके अलावा गिलोय, तुलसा और अदरक का भी काढ़ा बनाकर लेते थे।
नहीं पड़ने दी ऑक्सीजन लगवाने की जरूरत
अजय नारंग का कहना है कि संक्रमित होने के बाद लोगों को घबराना नहीं चाहिए, बल्कि साहस से काम लें। जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत नहीं है, वह होम आइसोलेशन में रहकर उचित उपचार करते रहें, उन्होंने भी ऐसा ही किया और अतिरिक्त ऑक्सीजन लगवाने की जरूरत नहीं पड़ने दी। कोरोना को हराकर अब वह अपना कारोबार संभाल रहे हैं।