चिलकाना/अंबेहटा/छुटमलपुर/नानौता (सहारनपुर)। श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर जिले के देहात के मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया है। सुल्तानपुर के कंकरों वाला मंदिर, बाजार वाला मंदिर तथा चरजों वाले मंदिर में रंग बिरंगी लाइटें लगाई गई थीं। चिलकाना में बाजार वाले मंदिर में लगाई गई रंगीन लाइटें लोगों को आकर्षित कर रही थी।
चिलकाना क्षेत्र में लोगों ने मंगलवार को अष्टमी का व्रत रखा। पुलिस के निर्देशानुसार मंदिरों में एक समय में केवल पांच लोगों को ही लड्डू गोपाल को भोग लगाने की अनुमति मिली। इस कारण इस बार मंदिरों में कम भीड़ होने की उम्मीद है। इस दौरान बनने वाली झांकियों पर भी रोक लागू रहेगी। बाजारों में भी रौनक कम है। गांव अहाड़ी, बरथाकायस्थ, चौरीमंडी, धौलाहेड़ी, सीकरी, पटनी, बैंगनी, आल्हनपुर, पचंकुआं, रघुनाथपुर, बड़गांव, दानतपुर, दौलतपुर, रावणपुर, टोडरपुर आदि में भी जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया गया।
अंबेहटा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व सोशल डिस्टेंसिंग के साथ हर्षोल्लास से मनाया गया मंदिरों में कोई झांकी नहीं सजाई गई। मंदिरों के बाहर प्रकाश की व्यवस्था की गई लोगों ने अपने घरों में ही भगवान श्री कृष्ण को पालने में झुलाया तथा श्री कृष्ण व राधा के रूप में सजे बच्चे सड़कों पर घूमते नजर आए कुछ लोगों ने अपने घर में ही श्री कृष्ण राधा की झांकी सजाई।
छुटमलपुर में भी मंदिरों में सोशल डिस्टेंसिंग में पहुंचे श्रद्धालुओं ने जन्माष्टमी मनाई। इस बार कोई कार्यक्रम तो आयोजित नहीं हुआ अलबत्ता बच्चों ने राधा और कृष्ण रुप धर कर जन्माष्टमी पर्व मनाया। नानौता में भी स्कूल के बच्चों ने अपने घर पर रहकर ही श्रीकृष्ण, राधा और सुदामा आदि की वेशभूषा व फैंसी ड्रेस पहनकर अभिभावकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं आन्या सिंह, राघव राणा, कुंज प्रताप, आर्यन, हर्ष, आयुष आदि ने बताया कि पिछले वर्ष जन्माष्टमी पर्व पर उनके द्वारा स्कूलों में फैंसी ड्रेस व श्रीकृष्णा की वेशभूषा पहनकर खूब मस्ती की थी। लेकिन इस बार उन्हें घरों में ही रहकर यह सब कुछ करना पड़ रहा है।
छुटमलपुर में कान्हा वेशधारी बालक निर्वाण राणा- फोटो : SAHARANPUR
नानौता में कृष्ण वेशधारी बच्चा- फोटो : SAHARANPUR