गांव घाटहेड़ा में तालाब से अवैध कब्जा हटाने गई एसडीएम और उनकी टीम को ग्रामीणों ने घेर लिया। इसके बाद भीड़ उग्र हो गई और एसडीएम की गाड़ी की चाबी निकाल ली। गाड़ी के साइड का शीशा तोड़कर अंदर वायरलेस सेट को भी तोड़ दिया।
पुलिस ने एसडीएम और नायब तहसीलदार को किसी तरह से सुरक्षित बाहर निकाला, इस घटना के संबंध में तहसील कार्यालय की और से आधा दर्जन ग्रामीणों के खिलाफ तहरीर आई है। पुलिस इस मामले में आलाधिकारियों से निर्देश का इंतजार कर रही है।
घाटहेड़ा में सरकारी तालाब पर अवैध कब्जे की शिकायत मिल रही थी। मंगलवार को दोपहर एसडीएम डॉ. विभा चहल और नायब तहसीलदार भोपाल सैनी पुलिस बल के साथ कब्जा हटाने पहुंचे। वहां पहुंचते ही तालाब पर अवैध निर्माण को जेसीबी ने ढहा दिया। इसके बाद वहां काफी भीड़ जमा हो गई।
इस बीच पुलिस ने वहां जमा भीड़ को हटाने की कोशिश की तो लोग उग्र हो गए। भीड़ ने एसडीएम की गाड़ी को निशाना बना लिया। पहले लोगों ने गाड़ी की चाबी निकाल ली और साइड का शीशा तोड़ वायरलेस को क्षतिग्रस्त कर दिया। भीड़ के तेवर देख पुलिस के हाथ पांव फूल गए।
इसके बाद वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने बमुश्किल एसडीएम और नायब तहसीलदार को निकाला। इसके बाद तहसील पहुंची टीम ने इसकी सूचना जिला मुख्यालय पर दी। वहां से मिले निर्देश के बाद तहसील कार्यालय से एक पत्र रामपुर मनिहारान थाने में भेजा गया।
इसमें पूरी घटना की शिकायत के साथ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई। एसपी सिटी महेंद्र सिंह यादव ने बताया ने बताया कि तहसील की ओर से शिकायत मिल गई है। छह नामजद समेत दर्जनों अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।