सर, मोटरसाइकिल चलाने के लिए सिर्फ लाइसेंस ही होना जरूरी है, या फिर कोई और कागज भी चाहिए, शहर में जाम लगता है, फिर सड़क पर वाहन खड़ा करने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती, उनके लिए पार्किंग की व्यवस्था कहां है। पुलिस अधिकारियों से छात्र-छात्राओं ने एक के बाद एक सवाल किए। अधिकारियों ने उनके सवालों का जवाब भी दिया और उन्हें नियम कानून की जानकारी देकर देश के अच्छे नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। अनुशासन का पाठ पढ़ाया और आगे बढ़ने की राह दिखाई।
शुक्रवार को बेहट रोड स्थित बीडी बाजोरिया इंटर कॉलेज अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा अपराजिता 100 मिलियन स्माइल अभियान के तहत आयोजित पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। जिसमें पुलिस अधीक्षक नगर विनीत भटनागर तथा यातायात प्रभारी तेज प्रताप सिंह ने नियमों की जानकारी दी। एसपी सिटी विनीत भटनागर ने कहा कि छात्र-छात्राओं को सिर्फ साक्षर ही नहीं होना बल्कि शिक्षित होना है।
साक्षरता सिर्फ पढ़ने, लिखने, बोलने तक के लिए है, लेकिन शिक्षा और लगातार ज्ञान बढ़ाना ही तरक्की के मार्ग पर ले जाता है और उस उद्देश्य की प्राप्ति कराता है जो मुकाम व्यक्ति हासिल करना चाहता है। उन्होंने अनुशासन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अनुशासन में रहने वाला हर नियम का पालन करता है, जिससे उसे समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता।
उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि झिझक आगे बढ़ने में बाधक है। कुछ लोग जो बनना चाहते हैं, उसे करने से डरते हैं, कि कहीं मजाक न बने, लेकिन जो हिम्मत दिखाता है, झिझक तोड़ता है, प्रयास करता है, वही आगे बढ़ता है। छात्राएं अपनी झिझक तोड़ें और हर परिस्थिति का मुकाबला करने के लिए तैयार रहें। किसी से भी डरें नहीं, जहां पुलिस की जरूरत होगी, पुलिस मदद के लिए तैयार है।
चालान छोटा नुकसान, दुर्घटना बड़ा नुकसान : तेज प्रताप सिंह
यातायात प्रभारी तेज प्रताप सिंह ने कहा कि वाहन चलाने के लिए परिपक्व होना जरूरी है। लाइसेंस लेने के बाद ही वाहन चलाएं। बिना लाइसेंस के वाहन चलाते समय दुर्घटना हो जाती है और किसी की मौत हो जाती है तो वाहन चालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज होता है।
वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट लगाएं और अपने अभिभावकों से भी इसके लिए जिद करें। पकड़े जाने पर चालान होता है। पहली बार में 500 रुपये और दूसरी बार में एक हजार रुपये तथा सजा होती है, लेकिन चालान छोटा नुकसान है, बड़ा नुकसान तो दुर्घटना है। परिवार में वाहन वही चलाता है जिस पर परिवार की जिम्मेदारी होती है, परिवार का महत्वपूर्ण व्यक्ति होता है।
दुर्घटना में वही हादसे का शिकार होता है। इससे पूरा परिवार प्रभावित होता है। इसलिए वाहन चलाने वाले को अपनी पूरी सुरक्षा करनी चाहिए। दुपहिया चालक हेलमेट पहने, वाहन तेज न चलाए और तीन सवारी न बैठाएं। कार चालक सीट बेल्ट का प्रयोग करें तथा यातायात नियमों का पालन करें।
उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओें में हर साल अन्य वजह से मरने वालों की संख्या से कई गुना अधिक मौत होतीं हैं। उन्होंने कहा कि वाहन बेचने वाले की जिम्मेदारी होती है कि वह वाहन चलाने वाले को जानकारी दें। उसकेे पास ड्राइविंग मशीन होती है। जिस पर बैठाकर वह चालक को वाहन चलाने के बारे में बताता है। उन्होंने 1090 और यूपी 100 के बारे में भी छात्र-छात्राओं को जानकारी दी।
उन्होंने छात्राओं को किसी भी परेशानी में 1090 पर फोन करने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि उनका फोन महिला अधिकारी ही सुनेगी, उनकी पहचान गुप्त रखी जाएगी, थाना पर नहीं बुलाया जाएगा और जब तक कार्रवाई नहीं हो जाती, तब तक अधिकारी पीड़िता के संपर्क में रहेगा।
अनुशासन और नियमों का पालन करें छात्र-छात्राएं
बीडी बाजोरिया इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राजीव रंजन ने कहा कि छात्रों को अधिकारियों ने सफलता का मूल मंत्र दिया है। अनुशासन और नियम पालन करने से छात्र-छात्राओं को न सिर्फ सफलता मिलेगी बल्कि कहीं भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी पर अमल किए जाने के लिए कहा।
छात्र-छात्राओं के सवाल, अधिकारियों के जवाब
हर्षित - अधिकारी बनने के लिए सफल कैसे हो सकते हैं ?
-एसपी सिटी - लक्ष्य निर्धारण, मेहनत, दूरदृष्टि, आत्मविश्वास और अनुशासन में रहकर आगे बढ़ने से व्यक्ति को सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।
-समीर अहमद - लाइसेंस के अलावा और क्या होना चाहिए वाहन चलाने के लिए ?
-टीएसआई- ड्राइविंग लाइसेंस से पहले वाहन का पंजीकरण प्रमाण-पत्र, वाहन का बीमा होना जरूरी है।
-प्रिंस सैनी - सड़क पर वाहन खड़ा करने वालों पर क्या कार्रवाई होती है ?
-एसपी सिटी - बेतरतीब वाहन खड़ा करने पर वाहन चालक का चालान किया जाता है।
- निखिल भारद्वाज - यूपी 100 से कितनी देर में सुविधा मिल जाती है ?
-टीएसआई - शहरी क्षेत्र में अधिकतम 15 मिनट में और देहात क्षेत्र में अधिकतम 20 मिनट में यूपी 100 की गाड़ी पहुंच जाती है और सहायता करती है।
-अलफिशा - शहर में जाम की समस्या कब खत्म होगी ?
-एसपी सिटी - शहर की सड़कें काफी संकरी हैं और वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। फिर भी बाईपास बनने के बाद शहर में प्रवेश करने वाले वाहनों की संख्या में कमी आएगी, तो जाम कम लगेगा।
- शिखा- बाजार में कोई परेशान करे तो कैसे निपटें ?
- एसपी सिटी - अपने पास हर चीज को हथियार बना सकते हैं। 1090 अथवा यूपी 100 पर फोन करें, उससे पहले शोर मचाकर लोगों को एकत्रित कर आरोपी को डरा सकते हैं। निडर होकर सामना करें। जो डरता है, लोग उसे ही डराते हैं।