शहर में कोहरे और ठंड में स्कूल जाता बच्चा
कोहरे और ठंड ने जनपद को चपेट में ले लिया है। बुधवार की सुबह कोहरे की चादर ओढे़ आई। इससे आम आदमी के साथ ही सुबह-सुबह स्कूल जाने वालों खासकर छोटे बच्चों को अधिक परेशानी रही। नन्हे-मुन्ने खुली रिक्शाओं में सवार होकर ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे।
पिछले दो दिन से जनपद में कोहरा छाने के साथ ही अच्छी ठंड हो रही है। बुधवार की सुबह से ही मौसम में कोहरा छाया रहा। शहरी क्षेत्र में दोपहर एक बजे के बाद सूरज ने कुछ देर के लिए दर्शन दिए, जबकि देहात क्षेत्र में दिनभर कोहरा बना रहा। इसकी वजह से पारा भी धड़ाम हो गया।
बुधवार को अधिकतम तापमान 22.75 और न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंड की वजह से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। देहात क्षेत्र में अलाव भी जलने लगे हैं। सुबह-सुबह स्कूल जाने वाले बच्चे रिक्शाओं में ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। ऐसे में अभिभावकों की ओर से स्कूलों में छुट्टी की मांग उठने लगी है।
नगर निगम की तैैयारी नहीं
लोगों को ठंड से बचाने के लिए नगर निगम प्रत्येक वर्ष अलाव की व्यवस्था करता है, लेकिन इस बार अभी तक इसकी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इसके अलावा अस्थाई रैन बसेरों की व्यवस्था भी अभी तक नहीं की गई है। हालांकि जनमंच प्रेक्षागृह के पास एक स्थाई रैन बसेरा 12 महीने चलता है, जिसमें इन दिनों ठहरने वालों की भीड़ है।
हाइवे पर रेंगकर चल रहे वाहन
रेल यातायात के साथ ही कोहरे का असर सड़क यातायात पर भी पड़ रहा है। दो दिन से पड़ रहे भारी कोहरे ने हाइवे पर चलने वाले वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। बुधवार की सुबह देहरादून रोड पर वाहन रेंगकर चलते दिखे। इससे पहले मंगलवार-बुधवार की रात अधिक कोहरा होने की वजह से ट्रक चालकों ने ट्रकों को सड़कों किनारे लगाकर खड़ा कर दिया।