हालांकि, आरोपी पक्ष हर बार नकारता रहा कि पुरानी रंजिश के चलते उन्हें फंसाया जा रहा है, लेकिन साक्ष्यों और गवाहों ने उन्हें फांसी के तख्ते तक पहुंचा दिया। पांचों आरोपी एक ही परिवार के सदस्य है, जो कई साल से हाईकोर्ट से जमानत पर चल रहे थे। मंगलवार को मामले में तारीख लगी थी, जिसमें पांचों आरोपी पेश हुए थे, जैसे ही पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया गया तभी पुलिस ने अदालत से ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।
फांसी सुनते ही नीचे बैठा एक दोषी
जिस समय दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई, सभी के चेहरे पर पसीने छूट गए। कटघरे में खड़ा एक दोषी तुरंत नीचे बैठ गया। जिन्होंने अदालत से रहम की गुहार भी लगाई, लेकिन अदालत का फैसला आते ही कचहरी में सुरक्षा बढ़ा दी गई और कड़ी सुरक्षा के बीच मीडिया से दूर रखते हुए गाड़ी में बैठाकर जेल में भेज दिए गए।
हाईकोर्ट में करेंगे अपील
आरोपी के अधिवक्ता का कहना है कि अदालत का फैसला मान्य है, लेकिन हम इससे संतुष्ट नहीं है। यह ऐसा केस नहीं था जिसमें फांसी की सजा का आदेश दिया जाए। इस फैसले को लेकर हाईकोर्ट में अपील दायर की जाएगी।