फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जानवर का जबड़ा और मिट्टी के बड़े बर्तनों के अवशेष मिले

Sat, 24 Jun 2017 12:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
विज्ञापन
खुदाई में मिला जानवर का जबड़ा। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
सहारनपुर के रामपुर मनिहारान के गांव सकतपुर में चार हजार वर्ष पूर्व की सभ्यता के ताम्र पत्र, कुल्हाड़ी, मृदभांड मिलने के बाद आगरा पुरातत्व विभाग की टीम द्वारा  20 दिनों से किए जा रहे उत्खनन के दौरान शुक्रवार को जमीन के दो मीटर नीचे बड़े आकार के मिट्टी के बर्तन मिले हैं।
विज्ञापन


इस पर डिजाइन भी अंकित है। पुरातत्व विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि चार हजार वर्ष पूर्व भी मानव सजावट आदि की कला को जानते थे। उत्खनन के दौरान अब तक मिल रहे मिट्टी के बर्तनों के छोटे अवशेषों की जगह अब बड़े आकार में बर्तन मिलने शुरू हो गए है।

जैसे जैसे खुदाई गहराई में पहुंच रही है। बड़े मटकों के अवशेष सामने आ रहे हैं। उत्खनन स्थल पर एक ढाई मीटर के करीब चौड़ी भट्टी का आकार मिला है। वर्षा होने पर इस ट्रैंच पर फिलहाल कार्य को बंद कर दिया गया है। उसे प्लास्टिक से ढक दिया गया है जिससे बारिश के पानी के बहाव में भट्टी की आकृति नष्ट न हो जाए। 
विज्ञापन


अब एक अन्य ट्रैंच को चिह्नित किया गया है। कुल मिलाकर 17 ट्रैंच पर उत्खनन किया जा रहा है। एक ट्रैंच में विशालकाय जानवर का जबड़ा दिखाई दे रहा है। जिस पर बड़ी सावधानी से खुदाई की जा रही है।

प्रथम दृष्टया यह समझ नहीं आ रहा है कि यह किस जानवर का हो सकता है। क्योंकि जो दांत युक्त जबड़ा जमीन के अंदर दिखाई दे रहा है उसकी आकृति अजीब प्रकार की नजर आ रही है। 

उत्खनन स्थल पर ट्रैंचों से निकलने वाली मिट्टी को पानी से धोया जा रहा है। उसमें से प्राप्त होने वाली वस्तुओं को संग्रहित किया जा रहा है। डा. अर्खित प्रधान ने कहा कि खुदाई के दौरान भूमि के नीचे मिल रही लेयर से पता चलता है कि इस स्थान पर आबादी निवास करती थी जैसे-जैसे समय बीतता रहा, आबादी का हिस्सा ऊपर उठाया जाता रहा होगा। इसकी भी जांच की जा रही है।

चार दिन पूर्व पुरातत्व विभाग के संयुक्त निदेशक एसपी सिंह औता, पुरातत्व विद डा. भुवन विक्रम सिंह ने आगरा से आकर यहां उत्खनन स्थल का निरीक्षण किया था और कई आवश्यक निर्देश भी दिए थे। डा. अर्खित प्रधान ने बताया कि गांव सकतपुर के पास गांव साढ़ौली हरिया, बागाखेड़ी में भी पौराणिक सभ्यता के प्रमाण मौजूद हैं। ऐसे संकेत मिले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें