खारा परियोजना की शक्ति नहर के किनारे पर सिंचाई विभाग द्वारा डाली गई मिट्टी। संवाद
- फोटो : प्रयोगशाला में रखी ऑटोमेटिक बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन को देखता लैबकर्मी।
मिर्जापुर। तीन राज्यों की सीमा पर स्थित प्रदेश की महत्वपूर्ण खारा जल विद्युत परियोजना की शक्ति नहर की सुरक्षा दीवार को खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने बरसात में दीवार टूटने की आशंका जताते हुए पत्थर की पैचिंग लगाकर उसे मजबूत करने की मांग की है।
बता दें, कि गत जुलाई माह में खारा जल विद्युत परियोजना में तकनीकी फाल्ट के चलते ओवरफ्लो का गेट न खुलने पर शक्ति नहर की सुरक्षा दीवार चार जगह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। इससे परियोजना में विद्युत उत्पादन भी डेढ़ घंटा तक बाधित रहा था। इसके बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मौके पर निरीक्षण कर मिट्टी के भराव का कार्य कराया था। उस समय पर ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से मिट्टी के साथ ही पक्का निर्माण कर पत्थर की पैचिंग लगाने की मांग की थी।
ग्रामीण कल्लू, अनीस, फैजान, रियाजुल, फरीद, वाजिद आदि ने कहा कि सिंचाई विभाग द्वारा केवल मिट्टी का भराव कर कार्य की इतिश्री कर दी गई है, जबकि उक्त कार्य में नीचे यमुना के किनारे से पक्की दीवार बनाकर पत्थर का पैचिंग बनाया जाना चाहिए।