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मरीज देखने में देरी पर भड़के लोग, हंगामा

Tue, 02 May 2017 11:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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जिला अस्पताल में हंगामे पर पहुंची पुलिस। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में मरीज को देखने में जरा सी देरी पर मंगलवार को जिला अस्पताल में तीमारदारों का गुस्सा भड़क गया। मरीज को नहीं देखने पर तीमारदारों ने सीनियर फिजीशियन से अभद्रता शुरू कर दी और देखते ही देखते ओपीडी में हंगामा खड़ा हो गया। 
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बीच-बचाव को आए दूसरे चिकित्सकों से भी तीमारदारों ने जमकर धक्का-मुक्की, गाली-गलौच और बदसलूकी की। घटना की सूचना मिलते ही सभी डाक्टर ओपीडी छोड़कर इमरजेंसी में एकत्रित हो गए।

प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने थाना जनकपुरी पुलिस को घटना से अवगत कराया। कुछ तीमारदारों ने बेहट विधायक नरेश सैनी व पूर्व मंत्री सरफराज खान को भी मौके पर बुला लिया।  
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आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सभी डाक्टरों ने हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा.सत्यसिंह ने महिला सहित 25 तीमारदारों के खिलाफ थाना जनकपुरी में मुकदमा दर्ज कराया।

 फतेहपुर निवासी सुरेखा जो फतेहपुर में संविदा नर्स का कार्य करती है। उसका पति राजकुमार बिजलीघर में संविदा पर कार्यरत है। बिजली का कार्य करते समय उसका हाथ तार की चपेट में आने से झुलस गया।

गंभीर हालत में उसे उसके साथियों व पत्नी ने जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। ड्यूटी पर तैनात डा. कुनाल ने मरीज को देखने के बाद उसके हाथ का एक्सरे व ईसीजी कराने को कहा।

इसके बाद तीमारदार राजकुमार का एक्सरे व ईसीजी कराकर ओपीडी में वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. आरके टंडन के यहां मरीज को दिखाने चले गए। मरीज देखने में डॉ. आर के टंडन को थोड़ी देर हो गई।

जिस पर तीमारदारों ने उनसे अभद्रता शुरू कर दी और देखते ही देखते ओपीडी में हंगामा खड़ा हो गया। बीच-बचाव को आए डाक्टर अनिल कुमार से भी तीमारदारों ने धक्का-मुक्की की।

ओपीडी में बढ़ते हंगामे को देखकर अन्य मरीजों में भी अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही सभी डाक्टर ओपीडी छोड़कर इमरजेंसी में पहुंच गए। मगर, तीमारदार हंगामा करते रहे।

प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने थाना जनकपुरी पुलिस को घटना से अवगत कराया। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। कुछ तीमारदारों ने बेहट विधायक नरेश सैनी व पूर्व मंत्री सरफराज खान को घटना से अवगत कराया।

जिस पर दोनों नेता अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंच गए। उन्होंने भी दोनों पक्षों की बात सुनते हुए समझाने बुझाने का प्रयास किया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. सत्य सिंह ने डाक्टरों को हड़ताल पर न जाने का आग्रह करते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।

जिस पर सभी चिकित्सक ओपीडी में चले गए। चिकित्सक डा. आरके टंडन और डा. अनिल कुमार ने स्टाफ नर्स सुरेखा और अन्य 25 तीमारदारों के खिलाफ थाना जनकपुरी में एफआईआर दर्ज कराई।
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