शहर में श्री गुरु नानक देव का प्रकाश पूरब धूमधाम से मनाया गया। गुरुद्वारों में महान कीर्तन दरबार का आयोजन किया गया। गुरुद्वारा साहिब के दीवान हॉल में सुबह भव्य प्रभात फेरी का स्वागत किया गया। उसके बाद श्री गुरु सिंह सभा के हजूरी रागी भाई अंगपाल सिंह ने आसा की वार का कीर्तन किया।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब की अगुवाई में संगत सुबह शब्द गायन करता हुआ गांधी पार्क पहुंचा। कीर्तन दरबार में सबसे आगे ग्रंथी जतिंद्र सिंह ने कथा की। उसके बाद गुरु तेग बहादुर स्कूल, गुरु नानक गर्ल्स इंटर कॉलेज, गुरु नानक इंटर कॉलेज के बच्चों ने गुरबानी के शब्द गायन किए। उसके बाद बाहर से आए हुए रागी जत्थों अमृतसर से भाई धर्मवीर सिंह, कथा वाचक ज्ञानी इंद्रपाल सिंह, भाई इकबाल सिंह, उना साहिब, भाई वीर सिंह आदि ने गुरबानी के कीर्तन से संगत को निहाल किया।
दरबार की समाप्ति पर प्रधान बलबीर सिंह धीर, जसवंत सिंह बतरा, गुरप्रीत सिंह बग्गा, गुरमीत सिंह ने संगत को गुरु नानक देव के प्रकाश पूरब की बधाई दी। दोपहर में लंगर का आयोजन हुआ। जिसमें हजारों की संख्या में संगत ने लंगर छक कर वाहे गुरु का धन्यवाद किया।
इस अवसर पर गुरुसिंह सभा के प्रधान बलबीर सिंह धीर, जसवंत सिंह बतरा, गुरप्रीत सिंह बग्गा, गुरमीत सिंह शंटी, इंद्रजीत सिंह बतरा, राजपाल सिंह, गुरविंद्र सिंह कालड़ा, रंजीव सिंह प्रेमी, अजिंद्रपाल सिंह चावला, नरेंद्र पाल सिंह कोहली, मनमोहन सिंह, गुरमीत सिंह खरबंदा, प्रीतम सिंह तेहरी, सूरजपाल सिंह, गुरशरनपाल सिंह, प्रमिंद्र सिंह, हरेंद्र सिंह चड्ढा, जगतार सिंह, आईपीसिंह, सरबजीत सिंह, जसपाल सिंह, आनंद, जसपाल सिंह बतरा, रविंद्र सिंह, सुखमनी, सतविंद्र सिंह माकन, सुरेंद्र पाल सिंह, प्रमिंद्र सिंह, रिंकी, दलबीर सिंह, जत्थेदार सुरजीत सिंह, सतवंत सिंह आदि मौजूद रहे।