सहारनपुर। ताहरपुर क्षेत्र में रजबहा पटरी मार्ग स्थित सरदार के ईंट भट्ठा वाली जमीन पर अवैध रूप से कॉलोनी विकसित करने का मामला सामने आया है। 8600 वर्गमीटर में बिना मानचित्र स्वीकृति के प्लॉट मार्किंग कर पिलर खड़े कर दिए गए। देहात कोतवाली पुलिस ने दो नामजद व एक अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
सहारनपुर विकास प्राधिकरण में जोन-11 के अवर अभियंता शोएब आलम ने देहात कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि निखिल मित्तल, बिट्टू राणा व एक अन्य ने लगभग 8600 वर्गमीटर भूमि पर ईंट भट्ठा हटाकर बिना मानचित्र स्वीकृति के अनाधिकृत कॉलोनी के लिए प्लॉट मार्किंग कर पिलर खड़े किए। इस संबंध में 22 नवंबर 2025 को प्रपत्र-वी पर आख्या प्रस्तुत की गई थी, जिसके आधार पर उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 में वाद दर्ज कराया गया। आरोपियों ने महायोजना-2031 में निर्धारित भू-उपयोग का उल्लंघन करते हुए बिना स्वीकृत मानचित्र के भूमि का विक्रय किया।
अधिनियम की धारा-14 व 15 के तहत मानचित्र स्वीकृत कराए बिना निर्माण कार्य कर प्राधिकरण को देय शुल्क जमा नहीं किया गया, जिससे राजस्व की क्षति पहुंची है। यह भी आरोप है कि कॉलोनाइजरों ने उपभोक्ताओं को यह बताए बिना कि कॉलोनी प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं है, भूखंडों का विक्रय किया, साथ ही रेरा अधिनियम की धारा-30 के तहत बिना पंजीकरण कराए भूखंड बेचना गैरकानूनी होने के बावजूद बिक्री की गई। विकास मानकों की अनदेखी कर संकरी सड़कें बनाई गई हैं और नाली, सीवर, एसटीपी, पार्क, विद्युत व पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिससे भविष्य में अव्यवस्थित बसावट और आपदा की स्थिति में राहत कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई है। पुलिस ने निखिल मित्तल, बिट्टू राणा और एक अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।