सहारनपुर। शासन-प्रशासन के तमाम प्रयास किसानों को समय पर गन्ना मूल्य दिलाने में विफल साबित हो रहे हैं। देवबंद चीनी मिल को छोड़कर जनपद की अन्य सात चीनी मिलों पर बकाया गन्ना मूल्य बढ़कर 219 करोड़ रुपये हो गया है।
गन्ना क्रय अधिनियम के अनुसार चीनी मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिनों के अंदर गन्ना मूल्य भुगतान किसानों को हो जाना चाहिए। इसके बाद भुगतान होने पर किसानों को बकाया गन्ना मूल्य पर 15 फीसदी की दर से ब्याज देने का प्रावधान है।
इसके बावजूद किसानों को न तो समय पर गन्ना मूल्य भुगतान हो रहा है। जनपद में सबसे अधिक 139.20 करोड़ रुपये गांगनौली चीनी मिल पर बकाया है। समय पर गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों में नाराजगी है।