कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने किया क्रमिक अनशन
सहारनपुर। तीनों नए कृषि कानूनों को वापस लेने और ब्याज सहित बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराने सहित अन्य मांगों को लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को धरना प्रदर्शन किया। इसमें पांच किसानों ने क्रमिक अनशन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन डिप्टी कलक्टर देवेंद्र पांडे को सौंपा।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट परिसर में आयोजित धरने पर जिलाध्यक्ष चौधरी सुखवीर सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार को किसानों की कतई परवाह नहीं है। लंबे आंदोलन के बावजूद तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया गया है। इससे किसानों में रोष है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार समय पर गन्ना मूल्य भुगतान कराने में विफल साबित हो रही है। इसके चलते किसानों के करोड़ों रुपये शुगर मिलों पर बकाया हैं। उन्होंने कहा कि पराली और गन्ना पत्तियों के जलाने को लेकर किसानों पर दर्ज हुए मुकदमों को तत्काल वापस कराया जाए। जब तक किसानों को पूरा गन्ना मूल्य भुगतान नहीं हो जाता तब तक किसानों से किसी भी प्रकार की वसूली स्थगित किया जाए। उन्होंने बिजली की दरों को पडोसी राज्यों के बराबर करने और किसानों के उत्पीड़न पर अंकुश लगाने सहित अन्य मांग भी की। क्रमिक अनशन पर बैठने वालों में जिलाध्यक्ष सुखवीर सिंह, अशोक त्यागी, अर्जुन सिंह, नवीन प्रधान एवं विभु त्यागी शामिल रहे। इस दौरान चरण सिंह प्रधान, नवाब प्रधान, रविंदर चौहान, समीम मलिक, संदीप चौधरी, प्रिंस चौधरी, दिलशाद मलिक, किरणपाल, चंदन त्यागी, प्रताप सिंह, रवि भोला, दीपक त्यागी, जितेंद्र कुमार, सुशील मुखिया आदि मौजूद रहे।
- ज्ञापन में किसानों की मांग
- तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए
- एमएसपी पर फसल खरीद की गारंटी के लिए कानून बनाया जाए
- गन्ना मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए
- ब्याज सहित बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराया जाए
- मनरेगा को खेती से जोड़ा जाए