सहारनपुर। सांप्रदायिक एकता के प्रतीक बाबा श्री जाहरवीर की शान में म्हाड़ी पर लगे मेले में रविवार रात और सोमवार को पूरे दिन निशान एवं प्रसाद चढ़ाने का सिलसिला जारी रहा। छड़ियों के निशानियों, भक्त और श्रद्धालु ढोल की थाप पर बाबा की भक्ति में मस्त होकर झूमते रहे। छड़ियों के भक्तों ने श्रद्धालुओं को बाबा की वीरता के किस्से सुनाए। दूसरे दिन म्हाड़ी पर जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया गया।
रविवार की रात नौ बजे तक नेजे सहित 26 छड़ियां बैंडबाजों संग गंगोह रोड स्थित बाबा श्री जाहरवीर की म्हाड़ी पर पहुंच गई। नेजे और सरदार छड़ी की मुख्य म्हाड़ी सहित सभी छड़ियों की म्हाड़ी पर ढोल-नगाड़ों के साथ पूजन हुआ। इसके पश्चात रात 12 बजे बाबा श्री जाहरवीर को दूध की धार अर्पित की गई। इसके साथ ही छड़ियों के भक्तों ने श्रद्धालुओं को बाबा श्री जाहरवीर की वीरता के किस्से सुनाए। गर्मी होने की वजह से दोपहर में श्रद्धालुओं की संख्या थोड़ी कम रही, लेकिन शाम पांच बजे के बाद म्हाड़ी पर श्रद्धालुओं का तांता लग गया। गंगोह मार्ग पर बड़ी नहर से लेकर म्हाड़ी तक भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई।
विद्युत सप्लाई और सफाई न होने से हुई परेशानी
भक्तों का आरोप है कि सोमवार की सुबह पांच बजे से ही विद्युत सप्लाई बंद कर दी गई। चौधरन छड़ी के भक्त गुलशन सागर का कहना है कि म्हाड़ियों पर भंडारे होते रहे और लाइट न होने की वजह से पंखे नहीं चल पाए, जिस कारण श्रद्धालुओं को गर्मी में परेशान होना पड़ा। इस संबंध में भक्तों द्वारा नगर निगम के अधिकारियों से भी शिकायत की गई। सेवक लक्की का कहना है कि म्हाड़ी पर जगह-जगह भंडारे आयोजित किए गए, लेकिन समुचित सफाई व्यवस्था न होने की वजह से कई जगहों पर कीचड़ फैल गया, जिसमें दुर्गंध उठने की वजह से श्रद्धालुओं को परेशानी हुई।
झूला झूलने और खिलौने खरीदने को उत्साहित रहे बच्चे
गंगोह मार्ग पर बड़ी नहर से लेकर म्हाड़ी पर सड़क के दोनों तरफ प्रसाद, निशान, खिलौने, चाट पकोड़ी की दुकानें लगी हैं। सोमवार को छोटे-छोटे बच्चों ने भी अपने अभिभावकों के साथ पहुंचकर म्हाड़ी पर प्रसाद चढ़ाया। इसके साथ ही बच्चे दुकानों से खिलौने खरीदते हुए नजर आए। इसके अलावा बच्चे, युवा और महिलाएं झूला झूलते दिखाई दी।
गर्मी से निजात पाने को नहर में लगाई डुबकी
उमस भरी गर्मी से निजात पाने को म्हाड़ी के नजदीक ही पूर्वी यमुना नहर में युवा श्रद्धालु डुबकी लगाते हुए नजर आए। नहर पर पूरे दिन युवाओं की भीड़ रही। उधर, पुलिस-प्रशासन की ओर से गोताखोरों को भी नहर पर तैनात किया गया।
नहर से लेकर म्हाड़ी तक कड़ी सुरक्षा
तीन दिवसीय म्हाड़ी मेले को लेकर पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रही। गंगोह मार्ग पर बड़ी नहर की पुलिस के पास बेरीकेडिंग लगाकर वाहनों को रोक दिया गया। इससे पैदल ही श्रद्धालुओं को जाने दिया गया। मार्ग में चप्पे-चप्पे पर पीएसी और पुलिस बल तैनात रहा। इसके अलावा मुख्य म्हाड़ी सहित सभी म्हाड़ियों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रही।
आज लौटेंगी छड़ियां
म्हाड़ी मेले के तीसरे दिन मंगलवार को नेजा सहित 26 छड़ियां वापस लौटेंगी। म्हाड़ी पर सुबह आठ बजे पूजन के बाद नेजा की अगुवाई में छड़ियां मेला गुघाल परिसर स्थित विश्रामपुरी काल भैरव मंदिर के लिए चलेंगी। सुबह 10 बजे तक सभी छड़ियां मंदिर पहुंच जाएंगी, जो शाम पांच बजे तक मंदिर के बाहर मेला गुघाल परिसर में खड़ी रहेंगी। यहां भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर प्रसाद चढ़ाएंगे। शाम के समय छड़ियां अपने-अपने स्थानों के लिए चल पड़ेंगी। इसके साथ ही शहर में एक बार फिर लौटती छड़ियों के बसेरों के आयोजन शुरू हो जाएंगे, जो तीन दिन तक चलेगा।
म्हाडी पर निशान चढाने के लिये लगी श्रद्घालुओ की लाइन- फोटो : SAHARANPUR
म्हाडी पर निशान चढाने जाते श्रद्घालु- फोटो : SAHARANPUR