सहारनपुर में जहरीली हो चुकी हिंडन का उसका अस्तित्व लौटाने की कवायद बुधवार से शुरू हो गई है। अमर उजाला के जहर से जंग अभियान का प्रदेश सरकार ने संज्ञान लेकर प्रशासन को हिंडन को प्रदूषण मुक्त करने का निर्देश दिया है।
इसी अभियान श्रृंखला में बुधवार को प्रशासनिक अधिकारियों और छात्रों ने हिंडन नदी के तट पर जाकर श्रमदान किया। साथ ही पौधारोपण भी किया। इसके बाद जनमंच प्रेक्षागृह में हिंडन प्रदर्शनी यात्रा का शुभारंभ किया गया।
हिंडन प्रदर्शनी यात्रा का शुभारंभ मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल ने किया। सरस्वती विहार सीनियर सेकेंड्री स्कूल और पाइनवुड के बच्चों ने सरस्वती और गणेश वंदना की प्रस्तुति दी। इस दौरान हिंडन नदी पर दस मिनट की डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई गई।
इसमें नदी के संबंध में जानकारी दी गई। 2030 वाटर रिसोर्सेज ग्रुप के नितिन ने हिंडन प्रदर्शनी यात्रा 2016 के संबंध में जानकारी दी। साथ ही मुख्यमंत्री की ओर से इस दिशा में उठाए जा रहे कदम के बारे में भी बताया।
कहा कि नदी के प्रदूषण को कम करने के लिए नदी में जल की मात्रा बढ़ानी होगी। उत्तर प्रदेश सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता विजयवीर यादव कहा कि वर्षा के जल को संचय कर नदी में जल की मात्रा बढ़ाई जाएगी।
इसके लिए पुरका टांडा, गांव बुड्ढाखेड़ा पुंडीर, जजनैर, और हसनपुर में पानी संचय करने की योजना है। मंडलायुक्त ने लखनऊ में गोमती, मथुरा में यमुना और बनारस में वरुणा नदी पर कराए जाने वाले कार्यों को सराहा। इस दौरान सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता एके बंसल, नगरायुक्त डॉ. नीरज शुक्ला, डॉ. पीके शर्मा, विनोद कुमार मिश्रा आदि मौजूद रहे।
सुबह नौ बजे टपरी मार्ग पर गांव लाखनौर के निकट हिंडन नदी के तट पर श्रमदान किया गया। साथ ही पौधे भी लगाए गए। श्रमदान में प्रभारी जिलाधिकारी हरीश चंद्र, विनोद कुमार मिश्रा, पीके शर्मा, पेपर मिल के जीएम और छात्र-छात्राएं शामिल रहे।