मदरसा अरबिया काशिफ-उल-उलूम में जलसा-ए- दस्तारबंदी आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
गंगोह। मुफ्ती यामीन ने कहा कि कुरान हिफ्ज करना, पढ़ना, पढ़ाना सबसे बड़ा सवाब है। मुफ्ती ने कहा मदरसे दीन के सतून हैं, इनकी हिफाजत करना हर मुसलमान का फर्ज है। जलसे में कुरान हिफ्ज करने वाले छात्रों की दस्तार बंदी भी की।
मंगलवार की रात में बेगी नाजर स्थित मदरसा अरबिया काशिफ-उल-उलूम में जलसा - ए - दस्तारबंदी का आयोजन किया। जलसे में मुफ्ती यामीन ने कहा कि बिना तालीम के कोई भी कौम तरक्की नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि कुरान अल्लाह का कलाम है, जिसमें हर मसले का हल मौजूद है। उन्होंने कुरान हिफ्ज करने व इसकी तिलावत करने को सबसे बड़ा सवाब बताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में मुसलमान दीनी तालीम से हट गया है, इस कारण वह दुनिया में परेशान होने के साथ ही अपनी आखिरत भी खराब कर रहा है।
मौलाना जाफर ने कहा मुसलमान अच्छे अखलाक पेश कर अपना मजहबी फर्ज अदा करें। इस अवसर पर मदरसे से कुरान हिफ्ज और नादरा करने वाले छह छात्र-छात्राओं की दस्तारबंदी की गई। इससे पूर्व जलसे का आरंभ नात-ए-पाक व तिलावत-ए-कुरान के साथ किया। अंत में मौलाना मुस्तफा ने मुल्क औक कौम की सलामती के लिए दुआ कराई। मदरसे के मोहतमिम मोहम्मद नसीम ने जलसे में शामिल लोगों का शुक्रिया अदा किया।