तेज रफ्तार डंफर और कार भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा डंफर में घुस गया था। अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से चालक बुरी तरह उसमें फंसा हुआ था। तीन युवकों को निकालने के बाद चालक को बाहर लाने की कोशिश ग्रामीण कर ही रहे थे तभी कार में अचानक लपटें निकलने लगी।
देखते-देखते आग ने पूरी कार और डंफर के अगले हिस्से को चपेट में ले लिया। इसके बाद कार चालक अंदर जलता रहा। वहां मौजूद लोग उसे बचाने के लिए चीखते रहे। मगर, संसाधनों के अभाव में कार चालक अंदर ही जिंदा जल गया। इस हादसे के बाद सबकी जुबान पर बस एक ही बात थी कि अगर समय से आग पर काबू पा लिया गया होता और बाहर निकाले गए तीनों युवकों को इलाज मिल जाता तो शायद इनकी जान बच सकती थी।
नागल-देवबंद मार्ग पर रविवार को हुए भीषण दर्दनाक हादसे की वजह ओवर स्पीडिंग मानी जा रही है। देवबंद की ओर से आ रही कार खटौली मोड़ पर एक वाहन को ओवरटेक करने में अपनी लेन से सामने से आने वाले वाहनों की तरफ आ गई।
इसी बीच तेज रफ्तार डंफर को देखकर कार चालक का हौंसला टूट गया और जब वह कुछ समझ पाता डंफर ने जोरदार टक्कर मार दी। आसपास काम कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि टक्कर के बाद जोरदार आवाज ने सबका ध्यान खींच लिया। जब लोग वहां पहुंचे तो कार के अंदर चारों युवक बेसुध हो गए थे और डंफर चालक फरार हो चुका था।
ग्रामीणों ने तत्काल ही नागल पुलिस को सूचना दी और तीन युवकों को तुरंत कार से बाहर निकाल लिया। चालक सीट पर बैठे युवक के शरीर का निचला हिस्सा कार के बंफर में बुरी तरह फंस गया था। ऐसे में लोग उसे निकालने की कोशिश में ही थे तभी अचानक जोरदार आवाजों के साथ कार का अगला हिस्सा जलने लगा।
कुछ ही सेकेंड में आग ने विकराल रुप धारण कर लिया। तब तक ना तो पुलिस ही पहुंची थी और ना ही कार में रहे युवक को बचाने के लिए कोई संसाधन ही था। ऐसे में लोग मूकदर्शक बने रहे। आंखों के सामने जल रहे युवक को देखकर लोगों को मलाल हो रहा था और दमकल-पुलिस पर गुस्सा भी हो रहे थे।
करीब आधे घंटे बाद पहुंची फायर बिग्रेड की गाड़ी वहां पहुंची और आग पर काबू पाने में जुटी। मगर, तब तक कार और उसका चालक खाक हो चुके थे। हालांकि इमरजेंसी एंबुलेंस सेवा सूचना के बाद पहुंची थी और उसमें बाहर निकाले गए तीनों युवकों को जिला अस्पताल भेेजा गया।
मगर, एंबुलेंस में इलाज की कोई व्यवस्था नहीं होने से तीनों ने वहां पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस मामले में सरसीना निवासी अमित ने थाने में घटना की तहरीर दी है।
पुलिया पर असंतुलन भी हादसे का कारण
हादसे से पहले निर्माणाधीन पुलिया के कारण वहां सड़क आधी रह गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि पुलिया को क्रॉस करने के दौरान कार का संतुलन बिगड़ा और यही हादसे का कारण बना। कार का संतुलन बनाने के बाद ओवरटेक करने के दौरान सामने से बेहद तेज रफ्तार डंफर ने पूरी कार का परखच्चा उड़ा दिया। कार का अगला हिस्सा लगभग गायब ही हो गया था।
साफ दिखाई दिया कंटीजेंसी प्लान का अभाव
भीषण सड़क हादसे के बाद साफ तौर पर पुलिस में कंटीजेंसी प्लान का अभाव दिखाई दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ना तो घायलों को सही इलाज के लिए आसपास का कोई स्थान तय कर पाई और ना ही कार में लगी आग पर काबू के लिए कोई प्रयास किया। जबकि पुलिस और प्रशासन के कंटीजेंसी प्लान में ऐसे हादसों के वक्त घायलों को तात्कालिक इलाज सहित अन्य चीजों को मुहैया कराने का दावा किया जाता है।
जान बचाने की कोशिश नहीं पाया कार चालक
टक्कर के बाद ही कार सवार चारों युवक बेसुध हो गए। तीन युवकों को जब बाहर निकाला गया तो उनमें सांस चल रही थी। इसके बाद लोग कार चालक के पास पहुंचे उसकी भी सांस आ रही थी, मगर वह कार में बुरी तरफ फंसा बेसुध था। आग लगने के बाद बेसुध कार चालक जान बचाने की कोशिश भी नहीं कर पाया।