बड़गांव/तीतरों/गंगोह। जिला बुखार से तपने लगा है। अस्पतालों में बुखार के मरीजों की भरमार है। बड़गांव, तीतरों और गंगोह क्षेत्र में बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। अभी भी बड़ी संख्या में लोग बुखार की चपेट में हैं। इनका इलाज सरकारी और निजी अस्पतालों में चल रहा है। वहीं, बुखार से महिला की मौत के बाद दल्हेड़ी गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर लोगों की जांच की। बड़गांव के गांव दल्हेड़ी में बुखार पीड़ित भोले सिंह की पत्नी काजल की उपचार के दौरान चंडीगढ़ में मौत हो गई थी। शुक्रवार को दल्हेड़ी में मलेरिया विभाग और नानौता सीएचसी से टीम ने डेरा डाला। मृतका के परिजनों से मिलकर रिपोर्ट जांच की। गांव में बुखार, खांसी, जुकाम से पीड़ित करीब 20 मरीजों की जांच कर दवाइयां वितरण कीं। अभी भी गांव में लोग संक्रामक बीमारियों की चपेट में हैं। एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया है।
तीतरों के गांव महंगी में बुखार का प्रकोप है। 25 से अधिक लोग बुखार की चपेट में हैं। इनमें बाबूराम सैनी, इसम सिंह सैनी, पायल कोरी, पारुल चौधरी, जिशान, अजहर अली, रजनीश कुमार, बलबीर सिंह, महावीर सिंह, प्रतिभा आदि शामिल है। बुखार पीड़ित 12 लोगों का गंगोह के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जबकि रजनीश कुमार की हालत गंभीर होने के चलते चंडीगढ़ में भर्ती हैं। बीमारी फैलने की वजह गांव में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं होना है। ग्रामीण सुनील कुमार सैनी, इंतजार, नरेशचंद, मुबारिक अली, सन्नी चौधरी, अभिषेक सिंह आदि का कहना है कि गांव की गलियों व नालियों में जगह-जगह कीचड़ है। ग्राम पंचायत सचिव प्रदीप कल्याण का कहना है कि सफाई कर्मी न होने की जानकारी से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया हुआ है।