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टैंक में गिरने से मासूम की मौत

Mon, 11 Jan 2016 01:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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थाना देहात कोतवाली क्षेत्र के शकलापुरी रोड पर स्थित न्यू हनुमान नगर कॉलोनी में बनाए गए टैंक में गिरने से रविवार अपराह्न करीब तीन बजे साढ़े तीन साल के मासूम की मौत हो गई।
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उसे बचाने के लिए टैंक में कूदा पांच वर्षीय भाई को सुरक्षित निकाल लिया गया। मासूम की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। करीब छह फुट गहरे टैंक में पानी भरा हुआ था और यहां एक पड़ोसी की ओर से निजी स्तर पर बनवाया गया था। देर शाम हादसे की सूचना मिलने पर थाना देहात कोतवाली पुलिस ने पहुंचकर जानकारी ली।

न्यू हुनमान नगर कॉलोनी में किराए के मकान में रहने वाले मोहम्मद शाहिद का बेटा साढ़े तीन वर्षीय असद और उसका पांच वर्षीय भाई आमिर घर के बाहर खेल रहे थे। बताया जा रहा है कि खेल खेल में ही ये बच्चे करीब 100 मीटर की दूरी पर स्थित निर्माणाधीन भवन की बाउंड्री के अंदर स्थित टॉयलेट डिस्पोजल टैंक तक पहुंच गए।
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खेल खेल में ही असद मिट्टी के ढेर पर चढ़ता हुआ टैंक की ओर झांकने लगा तो वह गिर गया। इस पर उसके भाई आमिर ने पहले तो शोर मचाया और उसके बाद खुद भी भाई को बचाने के लिए टैंक में कूद गया। करीब छह फुट गहरे सीमेंटेड टैंक में पानी भरा हुआ था।

कुछ ही देर में जब आसपास के लोगों को पता चला तो वे भी टैंक की ओर पहुंचे। उन्होंने आमिर को तो सुरक्षित निकाल लिया, लेकिन टैंक से निकलने तक असद दम तोड़ चुका था। असद की मौत पर परिवार में कोहराम मच गया। आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई।

इस घटना के करीब दो घंटे बाद पुलिस तक मामले की सूचना पहुंची। पुलिस की टीम मौके पर गई। मगर, अभी तक बच्चों के परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई। पुलिस का कहना है कि यदि परिवार की ओर से कोई तहरीर दी जाएगी तो आगे जांच कर कार्रवाई होगी।

चारपाई पर बेटे का शव देखकर बिलखती रही मां
हादसे में मासूम असद की मौत के बाद चारपाई पर बेटे के शव को देखकर मां हिना बिलखती रही। आसपास के लोग भी इस घटना से गमगीन रहे। आसपास की कुछ महिलाओं ने हिना को संभालने की कोशिश की। कुछ लोगों ने बताया कि शाहिद मजदूरी से परिवार का पालन पोषण करता है। काफी समय से वह यहां किराए पर रह रहा है।

अम्मी...मैं असद को नहीं बचा पाया
हादसे में बचे बड़े भाई आमिर को जब कुछ होश आया तो वह अम्मी से यही कहता रहा कि वह भाई को नहीं बचा पाया। आमिर ने बताया कि वह असद के साथ दूसरी ओर खेल रहा था।  वह अचानक टैंक की ओर चला गया।

टैंक कवर होता तो न जाती बच्चे की जान
परिजनों के अलावा इस कालोनी में रहने वाले मोहम्मद महफूज, मुस्तकीम सहित अन्य लोग कहते रहे कि यदि टैंक को पूरी तरह कवर कर दिया जाता तो शायद ऐसा हादसा न होता और मासूम की जिंदगी बच जाती।

बताया जा रहा है कि निर्माणाधीन भवन में कुछ दिन से काम भी बंद था, जिस समय घटना हुई, उस समय किसी ने बच्चों को देखा नहीं। यदि इस भवन में भी उस समय कोई होता तो यह घटना होने से बच सकती थी।
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