सहारनपुर के रामपुर मनिहारान में पौराणिक सभ्यता से पर्दा उठाने के लिए गांव सकतपुर में आगरा पुरातत्व विभाग द्वारा किए जा रहे उत्खनन को लेकर क्षेत्र के लोगों में जिज्ञासा बनी हुई है, लेकिन अभी तक पुरातत्व विभाग ने उत्खनन में मिलने वाली वस्तुओं को सार्वजनिक नहीं किया है।
अब विभाग शीघ्र ही खुदाई में मिलने वाले मिट्टी के बर्तन, अन्य वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाकर इन्हें सार्वजनिक करने की तैयारी में है। आगरा मंडल पुरातत्व विभाग के अधिकारी डा. भुवन विक्रम सिंह ने अमर उजाला को बताया कि पुरातत्व विभाग 18 अप्रैल को विश्वदाय दिवस मनाता है।
इस बार वह रामपुर मनिहारान तहसील के गांव सकतपुर में विश्वदाय दिवस को मनाएंगे। इसमें जनपद सहारनपुर में अलग-अलग स्थानों पर अब तक किए गए उत्खनन को लेकर पुरातत्व विभाग द्वारा उत्खनन में मिलने वाली वस्तुओं की छाया चित्र प्रदर्शनी लगा कर ग्रामीणों को इससे रूबरू कराएंगे।
कहा कि पुरातत्व विभाग जनजागरण अभियान चलाए हुए है। उन्होंने कहा कि उत्खनन के दौरान मिलने वाली वस्तुओं की जांच के बाद हमें अपनी पौराणिक सभ्यता का पता चलता है और जीवन के रहस्यों के बारे में भी जानकारी प्राप्त होती है।
बता दें कि 24 फरवरी 2017 से गांव सकतपुर में पुरातत्व विभाग द्वारा उत्खनन किया जा रहा है। पांच ट्रेंचों पर खुदाई का कार्य चल रहा है। अब तक खुदाई में चार हजार वर्ष पुराने बर्तन मिलने की ही पुष्टि की गई है।
वर्ष 2016 जून माह में ईंट पथाई का कार्य करने वाले मजदूरों को एक खेत से धातु की कुल्हाडी, मृदभांड आदि मिले थे। जांच में उन्हें चार हजार वर्ष पूर्व के बताए गए थे।
इस पर जिलाधिकारी ने इस खेत को सीज कर पुरातत्व विभाग को उत्खनन करने के लिए सौंप दिया था। अब इस खेत में उत्खनन का कार्य चल रहा है