सहारनपुर। बकाया बिल जमा न करने वाले और विद्युत चोरी के प्रकरणों के उपभोक्ताओं के लिए निगम ने बिजली बिल राहत योजना शुरू की है। लेकिन चोरी के मामलों में राहत योजना का करंट उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंचा है। अभी तक 19 हजार मामलों में से मात्र 52 ने ही योजना के तहत पंजीकरण कराया है।
विद्युत निगम ने एक दिसंबर से तीन चरणों में बिजली बिल राहत योजना शुरू की है। इसमें बकायेदारों को सरचार्ज माफी के साथ राशि पर 25 फीसदी छूट देने का एलान किया है। जिले के 1.17 लाख उपभोक्ताओं पर 265 करोड़ रुपये बकाया है। योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को पहले पंजीकरण करना होगा। इसके तहत अभी तक जिले में 2131 उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ उठाने के लिए पंजीकरण कराया है। उपभोक्ताओं ने कुल 2.47 करोड़ रुपये की धनराशि जमा कराई है।
- तीन चरणों चलेगी योजना
पहला चरण एक दिसंबर से 31 दिसंबर तक चलेगा। इसमें 25 फीसदी की छूट बकाया बिल राशि को जमा करने पर मिलेगी। दूसरा चरण एक जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक चलेगा। इसमें पूरा भुगतान करने पर 20 फीसदी की अतिरिक्त छूट मिलेगी। तीसरा चरण एक फरवरी से 28 फरवरी तक चलेगा। इसमें बकाया बिल भुगतान पर 15 फीसदी की छूट मिलेगी। हर चरण में अन्य विकल्पों के तौर पर उपभोक्ता 750 रुपये की मासिक किस्त एवं वर्तमान बिल का भुगतान कर सकते हैं। 500 रुपये की मासिक किस्त पर वर्तमतान बिल का भुगतान करना होगा।
- देहात क्षेत्रों में उपभोक्ताओं पर सबसे अधिक बकाया
बिजली बिल न अदा करने में देहात के उपभोक्ता सबसे आगे हैं। सरसावा क्षेत्र के 22,310 उपभोक्ताओं के ऊपर करीब 47 करोड़ रुपये बकाया है। इसी तरह देवबंद के 21,538 उपभोक्ताओं पर विद्युत निगम के 46 करोड़, बेहट के 15,338 उपभोक्ताओं पर 28 करोड़ रुपये बकाया है। बलियाखेड़ी क्षेत्र के 11,030 उपभोक्ताओं पर 18 करोड़, नकुड़ के 29,571 उपभोक्ताओं पर 87 करोड़ रुपये, रामपुर मनिहारान के 17908 उपभोक्ताओं पर 36 करोड़ रुपये विद्युत निगम के बकाया है। इनमें कई उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन्होंने काफी समय से बकाया बिल जमा नहीं कराया है।
- वर्जन
एक दिसंबर से बिजली बिल राहत योजना शुरू हो गई है। पंजीकरण कराकर इसका लाभ उठाया जा सकता है। चोरी के प्रकरणों में उपभोक्ताओं को नोटिस भी दिया जा रहा है। उपभोक्ता जल्द से जल्द योजनाओं का लाभ उठाए।
- राजेश कुमार, मुख्य अभियंता।