सहारनपुर। अदालत ने हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-4 की अदालत ने दोषी अरुण निवासी नागल पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष की सजा अधिक भुगतनी होगी।
वादी प्रीतम सिंह ने थाना नागल में तहरीर दी थी। बताया कि उसके चाचा दिगंबर सिंह सुबह घर से खेत में जाने के लिए निकले थे। काफी देर के बाद भी वह घर पर नहीं आए तो दिगंबर सिंह के बेटा विक्रम सिंह उन्हें ढूंढने के लिए खेत में गया। बताया कि दिगंबर सिंह मृत हालत में चारपाई पर खून से लथपथ हुए पड़े थे। उनके चेहरे व सिर पर धारदार हथियारों से हमला किया जाना लग रहा था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया। जांच के दौरान अरुण का नाम सामने आया, जिसे पुलिस ने 31 जुलाई 2020 को दबिश देकर देहरादून चौक से रात्रि के समय गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त डंडा, चाकू बरामद किए। जांच के बाद पुलिस ने मामले को अदालत में दाखिल किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 33 साक्ष्य और नौ गवाह पेश किए। गवाह सुनील उर्फ बिट्टू ने अदालत में बयान दिया कि घटना वाले दिन मैं खेत पर काम कर रहा था। मैंने अपने गांव के ही व्यक्ति से जमीन ठेके पर ले रखी थी। यह खेत दिगंबर सिंह के खेत के पास है। मैंने देखा कि अरुण दिगंबर के खेत में बने ट्यूबवेल के पास चारपाई पर बैठा था और चाकू मारकर भाग गया। एक अन्य गवाह पिंकू ने भी अपनी गवाही में दिगंबर और अरुण के बीच कहासुनी होते देखने की बात कही। बचाव पक्ष ने दलील में कहा कि प्राथमिकी अज्ञात में दर्ज की है। गवाह भी विवेचना के दौरान आए हैं। अदालत ने पत्रावलियों पर आए साक्ष्यों और गवाहों को सुनने के बाद दोषी को सजा सुनाई है।