अंबोली गांव में ट्यूबवेल की नाली के पानी में बहकर आई 15 दिन की बच्ची को लेने के लिए बुधवार को सहारनपुर चाइल्ड केयर के कुछ लोग कोतवाली पहुंचे लेकिन उसकी सुपुदर्गी लेने वाले दंपति ने उसे देने से इंकार कर दिया। दंपति का कहना है कि उनके कोई बेटी नहीं है। इसलिए वे ही इसकी परवरिश करेंगे।
मंगलवार को अंबोली गांव निवासी नितिन और योगेश को बेगमपुर रोड पर रणवीर सैनी के खेत पर पहुंचे तो उन्हें एक बच्ची ट्यूबवेल की नाली में पानी में बहती हुई मिली थी। ग्रामीणों को जानकारी दी गई। देखते ही देखते वहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मासूम बच्ची को पानी में कौन डालकर गया इसका जवाब किसी के पास नहीं था। बाद में बच्ची को बेगमपुर गांव निवासी दीपक कुमार की सुपुदर्गी में दे दिया गया था।
बुधवार को सहारनपुर से चाइल्ड केयर की टीम बच्ची की सुपुदर्गी लेने के लिए देवबंद कोतवाली पहुंची। इस दौरान प्रदीप और उसकी पत्नी सुषमा भी कुछ ग्रामीणों के साथ वहां पहुंच गई। काफी देर बातचीत होने के बाद प्रदीप और सुषमा ने बच्ची को देने से इंकार कर दिया।
सुषमा ने बताया कि उसके दो बेटे हैं जबकि उसे बेटी की बहुत चाहत थी। वह बच्ची की परवरिश करेगी। वहीं दीपक ने भी पत्नी की ख्वाहिश पर मुहर लगाते हुए सहारनपुर से आई टीम को बच्ची देने से साफ इंकार कर दिया। दीपक ने बताया कि चाइल्ड केयर की टीम ने उन्हें बृहस्पतिवार को सहारनपुर बुलाया है। वह बच्ची को अपने पास रखने के लिए वहां जरूर जाएंगे।