सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल में एमआरआई मशीन के लिए करीब तीन साल से भवन बना हुआ है, लेकिन अभी तक मशीन नहीं मिल पाई है। ऐसे में मरीज बाहर निजी सेंटरों पर एमआरआई कराने में पांच से छह हजार रुपये खर्च करने को मजबूर हैं। अस्पताल प्रबंधन पूर्व में कई बार एमआरआई मशीन के लिए पत्र लिख चुका है।
एसबीडी जिला अस्पताल 320 बेड का है। रोजाना अस्पताल की ओपीडी एक हजार के पार रहती है, जबकि इमरजेंसी में भी प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। अस्पताल में डिजिटल एक्सरे, सिटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड सहित जांच की कई अन्य सुविधाएं हैं। एमआरआई मशीन स्थापित करने के लिए अस्पताल परिसर में करीब तीन साल पहले भवन बनाया गया था। जब कोरोना की लहर चल रही थी, तब उससे बचाव के लिए इस भवन में वैक्सीनेशन हुआ था, लेकिन आज तक एमआरआई मशीन नहीं मिली है।
अस्पताल प्रबंधन की ओर से शासन को पत्र लिखा गया, ताकि अस्पताल में मरीजों को एमआरआई की सुविधा मिल सके। अभी भी मरीज बाहर ही निजी सेंटरों पर एमआरआई कराने के लिए जाते हैं, जिसके लिए उन्हें पांच से छह हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। अगर अस्पताल में मशीन आ जाए तो एमआरआई की सुविधा निशुल्क मिल सकती है। उधर, कार्यवाहक प्रमुख अधीक्षक डॉ. रामानंद ने बताया कि अस्पताल में एमआरआई मशीन के लिए भवन बना हुआ है।