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Saharanpur News: पुल बना, एयरपोर्ट भी तैयार, न बस चली, न उड़े विमान

Fri, 26 Jun 2026 01:10 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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सहारनपुर। जिले के कई कस्बों में विकास की तस्वीर आज भी अधूरी नजर आती है। नानौता और सरसावा जैसे महत्वपूर्ण कस्बे वर्षों बाद भी बस स्टैंड जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित है। सरसावा में एयरपोर्ट भी तैयार है, लेकिन हवाई सेवा शुरू नहीं हो सकी। वहीं, लखनौती में यमुना पर पुल बनने के बावजूद रोडवेज बस सेवा शुरू नहीं हो सकी। नागल में चेतना पार्क बदहाली और उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। यह ऐसी जनहित से जुड़ीं समस्याएं हैं, जिनके लिए आश्वासन तो खूब मिलते हैं, लेकिन आश्वासन की बूटी से यह समस्याएं बाहर नहीं निकली।
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नानौता : लंबे समय से है बस स्टैंड की दरकार
कस्बे में आज तक बस स्टैंड का निर्माण नहीं हो पाया है। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बस स्टैंड न होने के कारण लोगों को सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। गर्मी, सर्दी और बरसात के मौसम में यात्रियों को किसी प्रकार की छाया या शेड की सुविधा नहीं मिलती। व्यापारी नेता राजकुमार कालड़ा ने कहा कि स्थानीय लोगों द्वारा वर्षों से बस स्टैंड निर्माण की मांग की जा रही है। नेता आश्वासन भी देते हैं, लेकिन समस्या का समाधान आज तक नहीं हुआ।
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लखनौती : यमुना पर पुल तो बना पर बसें नहीं भर सकी फर्राटा
उत्तर प्रदेश और हरियाणा को जोड़ने वाले दौलतपुर-शेरगढ़ टापू घाट पर इंटर स्टेट कनेक्टिविटी के तहत यमुना नदी पर पुल बनाया गया था, जिससे तीन राज्यों की काफी दूरियां कम हो गई है, लेकिन पुल के निर्माण के वर्षों बाद भी उत्तर प्रदेश रोडवेज की बसों का संचालन शुरू नहीं हो सका है। इस कारण सहारनपुर और करनाल के बीच सफर करने वाले हजारों यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष मनोज गोयल का कहना है कि इस मार्ग पर रोडवेज बसों का संचालन न होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। समय-समय पर बस सेवा शुरू करने की मांग की जाती है, लेकिन कोई लाभ नहीं।
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नागल : बदहाल पड़ा है चेतना पार्क
कस्बे का चेतना पार्क कभी ग्रामीणों के सुबह टहलने का सबसे बड़ा साधन माना जाता था, लेकिन अब तस्वीर बदल गई है। चेतना पार्क पर गंदगी के ढेर लगे हैं एवं झाड़ियां उगी हैं। 1992 में भाजपा सरकार में विधायक मामचंद लामा के प्रयास से पार्क बनवाया गया था, लेकिन धीरे-धीरे हालात बदले और चेतना पार्क बदहाली का शिकार हो गया। डॉ. रामकुमार मलिक का कहना है कि कई बार पार्क के सुंदरीकरण की मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।



सरसावा : न तो बस स्टैंड मिला, न ही हवाई सेवा हुई शुरू

कस्बेवासी वर्षों से स्थायी बस स्टैंड की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। वहीं, दूसरी ओर क्षेत्र के बहुप्रतीक्षित एयरपोर्ट का उद्घाटन हुए डेढ़ वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक यहां से नियमित उड़ानों का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। स्थानीय निवासी देशबंधु शर्मा का कहना है कि कस्बे में आज भी बस स्टैंड जैसी बुनियादी सुविधा नहीं है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
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बस स्टैंड और बसों के संचालन की समस्या गंभीर है। इसे लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। प्रयास रहेगा कि समस्या का समाधान निकाला जाए।
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- अरविंद कुमार चौहान, जिलाधिकारी
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