सरसावा में अशोक राठी के घर के कमरे में पड़ा बैड और चारपाई। इसी कमरे में पांचों के शव मिले थे। स
सरसावा। कौशिक विहार कॉलोनी में हुए नृशंस हत्याकांड के चार दिन बाद संग्रह अमीन अशोक राठी का सील मकान पुलिस की निगरानी में खोला गया। परिजन कमरे से कीमती दस्तावेजों के साथ कुछ घरेलू सामान साथ ले गए। वहीं, कमरे में खून के निशान देखकर परिजन भावुक हो गए। उधर, पुलिस ने वादी के बयान भी दर्ज किए।
20 जनवरी को कौशिक विहार कॉलोनी में संग्रह अमीन अशोक राठी ने मां विद्यावती, पत्नी अंजिता, बेटे कार्तिक व देव की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद ही खुद भी गोली मारकर जान दे दी थी। इनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मां, पत्नी और दोनों बेटों को चार-चार गोलियां लगने की पुष्टि हुई थी, जबकि अशोक राठी ने खुद को दो गोली मारी थी। शनिवार को मृतक के चाचा बलेंद्र सिंह, भतीजा देवेंद्र, सभासद तरण चौधरी और बहनोई जयवीर निजी सामान लेने के लिए मकान पर पहुंचे।
इससे पहले परिजनों ने एसपी देहात सागर से मिलकर मकान खोलने की अनुमति मांगी। अनुमति मिलने के बाद थाना पुलिस की निगरानी में मकान का ताला खोला गया। मकान की चाबी भी पुलिस ने परिजनों को सौंप दी है, जिस कमरे में वारदात को अंजाम दिया गया था, वहां दीवारों और बेड के पास अब भी खून की छींटे मौजूद थीं, जो नृशंस हत्याकांड की भयावहता बयां कर रही थीं। खून के निशान देखते ही परिजन भावुक हो उठे। परिजनों ने कमरे से कीमती दस्तावेजों के साथ घरेलू सामान अपने साथ ले गए। पुलिस ने शनिवार को अशोक राठी के बहनाेई जयवीर के बयान दर्ज किए। जयवीर इस घटना के वादी भी हैं।
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कड़ियों को जोड़ रही पुलिस, परिजनों को किया आश्वस्त
पुलिस कॉल डिटेल, बैंक लेनदेन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को आधार पर पूरे घटनाक्रम की कडि़यां जोड़ने में जुटी है। पुलिस ने परिजनों को आश्वस्त किया है कि सभी बिंदुओं पर गंभीरता से जांच की जा रही है। परिजनों ने पुलिस-प्रशासन से प्रतिबंधित गोलियों की बिक्री पर रोक लगाने और अवैध हथियारों के कारोबार पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना था कि अवैध असलहों और गोलियों की आसान उपलब्धता समाज के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है, जिसके चलते इस तरह के जघन्य वारदात सामने आ रही हैं।