संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। केंद्र सरकार ने विदेशी मुद्रा भंडार सुरक्षित करने के लिए सिल्वर आयात के नियम कड़े किए हैं। ऐसे में चांदी के प्रतिबंधित श्रेणी में पहुंचने से इसके दामों में तेजी आने की आशंका जताई जा रही है। अब चांदी की सिल्ली मंगाना पहले से कठिन हो जाएगा। सरकार ने नियम भी कड़े किए हैं।
सराफा व्यापार पहले ही सोने और चांदी के बढ़ते दामों से परेशान है। दामों के बढ़ने से व्यापार पर असर पड़ रहा है। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी दो बार सोना न खरीदने की अपील कर चुके हैं। इसके बाद केंद्र सरकार ने चांदी की सिल्ली विदेश से मंगाने पर नियमों में बदलाव किया है। सराफा कारोबारी अंकित जैन बताते हैं कि अब बिना अनुमति बड़ी मात्रा में आयात नहीं हो सकेगा। लाइसेंसधारक ही अनुमति के बाद चांदी का आयात कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि इसके चलते चांदी की कीमतों में तेजी आएगी, साथ ही जिन इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में चांदी का उपयोग होता है, उनकी कीमत भी बढ़ सकती है। वहीं सोलर पैनल कारोबारी हर्ष गाबा बताते हैं कि चांदी के आयात पर लगाई गई बंदिश का असर सोलर पैनल के इस्तेमाल पर भी पड़ सकता है। सराफा कारोबारियों के अनुसार सोने और चांदी के दामों का असर कारोबार पर पड़ रहा है। जिन घरों में शादी या फिर कोई मांगलिक कार्यक्रम है, वही ज्यादातर सोने और चांदी की खरीद कर रहे हैं। इसमें भी नौ कैरेट के सोने वाले आभूषणों की अधिक मांग है।