कादरपुर रोड स्थित आम के बाग में किया जा रहा हरे भरे पेड़ों का कटान।
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आम की 450 किस्मों की पैदावार करने वाली बेहट फल पट्टी का अस्तित्व खतरे में है। उद्यान एवं वन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से दिन रात आम के हरे भरे बागानों पर कुल्हाड़ा चल रहा है। यदि इसी रफ्तार से बागानों पर कुल्हाड़ा चलता रहा, तो वह दिन दूर नहीं जब फल पट्टी का अस्तित्व ही मिट जाएगा।
बेहट फल पट्टी में हरे-भरे आम के पेड़ों के कटान में उद्यान एवं वन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आ रही है। उद्यान विभाग ने कादरपुर रोड स्थित एक आम के बाग में खड़े हरे-भरे 27 पेड़ों के सूखे होने एवं फल देने लायक न होने की झूठी रिपोर्ट बनाकर वन विभाग को भेज दी। वन विभाग के अधिकारियों ने भी इस रिपोर्ट पर आंख मूंदकर परमिट जारी कर दिया।
इन पेड़ों का कटान एक आरा मशीन संचालक द्वारा कराया जा रहा है। इस संबंध में सामाजिक वानिकी के वन क्षेत्राधिकारी से बात की गई तो उनका कहना था कि उन्होंने उद्यान विभाग की रिपोर्ट पर परमिट जारी किया है। सवाल किया गया कि मौके पर जाकर नहीं देखा कि पेड़ सूखे है या हरे तो वह कोई जवाब नहीं दे पाए।
बता दें कि उद्यान विभाग के अधिकारी बिना मौके पर जाए ही आम के पेड़ों को सूखा एवं फल न देने लायक रहने की रिपोर्ट वन विभाग के अधिकारियों को भेज देते हैं। वन विभाग के अधिकारी भी बिना जांच किए इस रिपोर्ट पर पेड़ों के कटान की परमिशन जारी कर देते हैं। दूसरा खेल यह भी होता है कि यदि ठेकेदार को 50 पेड़ काटने होते हैं, तो उनमें दस का ही परमिट लिया जाता है, बाकि 40 पेड़ बिना परमिट के ही काट लिए जाते हैं। इससे जहां पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, वहीं सरकार को भी राजस्व का नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
उद्यान विभाग की 27 पेड़ों के सूखे होने की रिपोर्ट पर कटान की परमिशन दी गई है।
- एके सिंह वन क्षेत्राधिकारी बेहट सामाजिकी वन प्रभाग।