तीतरों। झाड़वन गांव में ढाबा संचालक अंकित भगत को गोली मारने के मामले में दूसरे दिन भी आरोपियों का पता नहीं चल सका। उधर, घायल का चंडीगढ़ पीजीआई में उपचार चल रहा है।
बता दें, कि बुधवार को ग्राम झाड़वन निवासी अंकित भगत को बाइक सवार तीन लोगों ने घर में घुसकर धारदार हथियारों से हमला करने के बाद गोली मारकर घायल कर दिया था। अंकित तांत्रिक क्रिया भी करता है। इस मामले में नकुड़ कोतवाली के ग्राम फेरूमाजरा निवासी महिपाल कश्यप सहित दो अन्य लोगों को नामजद करते हुए केस दर्ज कराया था। घायल के भाई शुभम ने बताया कि गोली रीढ़ की हड्डी के बीच में फंसी है।
बताया कि आरोपी के भाई ने अपनी बीमारी के उपचार के लिए अंकित को पांच हजार रुपये दिए थे, जिसमें से चार हजार रुपये वह लौटा चुका था। आठ सौ रुपये गंगोह के निजी चिकित्सक से दवाई दिलाई थी, जबकि दो सौ रुपये बाइक में तेल का खर्च आ गया था। आरोपित का कोई लेन-देन शेष नहीं है। उसने मात्र दौ सो रुपये के तेल खर्च के लिए उसके भाई को जान से मारने का प्रयास किया।