सहारनपुर। एक तरफ जहां एटीएस और एसटीएफ ने सहारनपुर से चार संदिग्धों को पकड़ा, वहीं दूसरी तरफ उग्रवादी नेटवर्क से जुड़े सहारनपुर निवासी युवक को असम क्राइम ब्रांच ने उन्नाव से दबोचा है। युवक सहारनपुर में थाना कुतुबशेर क्षेत्र का रहने वाला है। आरोप है कि वह उग्रवादी संगठन के लिए फंडिंग करता था। उसकी गिरफ्तारी के बाद से घर पर ताला लगा हुआ है। पुलिस ने भी परिवार और रिश्तेदारों से संपर्क कर जानकारी जुटाई है।
असम के उग्रवादी संगठन उल्फा आई के लिए काम करने वाले एकता काॅलोनी निवासी नूर मोहम्मद पकड़ा गया है। उस पर तिनसुकिया जिले की कोतवाली सदर बाजार में प्राथमिकी दर्ज है। वह पिछले काफी समय से तिनसुकिया से लापता था। नूर पर उग्रवादी संगठन यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम अल्फा आई को फंडिंग करने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि फेरी लगाकर कपड़े बेचने का काम करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नूर करीब आठ महीने बाद ईद पर अपने घर आने वाला था। नूर की गिरफ्तारी का पता परिजनों को पता चला तो वे भी लापता हो गए। स्थानीय पुलिस ने भी नूर मोहम्मद के बारे में जानकारी जुटाई। उसके परिवार और रिश्तेदारों से संपर्क किया।
किन लोगों से थे नूर के संपर्क, जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां
सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि नूर मोहम्मद के संपर्क किन-किन लोगों से थे और वह कितने समय से इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। बताया जा रहा है कि सुरक्षा एजेंसियों को नूर मोहम्म्द के मोबाइल फोन से महत्वपूर्ण डिजिटल इनपुट मिले हैं। मोबाइल फोन और चैट रिकॉर्ड के आधार पर अब जिले के कुछ अन्य लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है। असम पुलिस किसी दिन भी उसे सहारनपुर ला सकती है।