--आईसीसीसी के ठेके की प्रक्रिया पूर्ण, एनईसी को जिम्मा
-- कंट्रोल सेंटर से संचालित होंगी शहर की व्यवस्थाएं
-- अधिकारियों का दावा, छह माह में नजर आएगा बदलाव
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। स्मार्ट सिटी योजना के आईसीसीसी (इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) के तहत होने वाले कार्यों का ठेका एनईसी और उसकी सहयोगी कंपनी को गया है। हालांकि दो महीना पहले यह ठेका 220 करोड़ रुपये में छोड़ा गया था, मगर इस बार टेंडर की प्रक्रिया को बदलते हुए और कार्यों में कमी करते हुए ठेका मात्र 83.7 करोड़ रुपये में छोड़ा गया है। अब माना जा रहा है कि आने वाले छह माह में शहर की सूरत बदलनी शुरू हो जाएगी।
आईसीसीसी के तहत शहर में होने वाले विभिन्न कार्यों के लिए नौ कंपनियों ने आवेदन किया था, मगर दो कंपनियों को अयोग्य करार दिया गया था। इसके बाद दो कंपनियां और बाहर हो गई थी। अंत में पांच ही कंपनियों के बीच स्पर्धा रही। शनिवार को स्मार्ट सिटी कार्यालय में चली टेंडर की अंतिम प्रक्रिया में एनईसी टेक्नोलॉजी और उसकी सहयोगी कंपनी को 83.7 करोड़ रुपये में छोड़ा गया। टेंडर प्रक्रिया के दौरान मंडलायुक्त संजय कुमार, नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह, नोडल अधिकारी बीके सिंह, सुुशील पुंडीर, एसडीए के अधिसासी अभियंता एके मिश्रा, लेखाधिकारी राजीव कुशवाह, मोहित आदि मौजूद रहे।
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इस वजह से कम में छूटा ठेका
पहले टेंडर प्रक्रिया टेक्नीकली क्वालीफाई के आधार पर अपनाई गई थी, जिसमें नंबरों के आधार पर चयन किया गया था। बीएसएनएल के नंबर सर्वाधिक होने के चलते उनकेे ठेेका दिया गया था, मगर बाद में नंबरों को लेकर विवाद हो गया, जिसके चलते टेंडर की प्रक्रिया रद कर दी गई थी। इस बार टेंडर की प्रक्रिया साधारण वाली अपनाई गई, जिसमें जो कंपनी सबसे कम दाम पर काम करेगी उसी को ठेका दिया जाएगा। यही वजह रही है कि अब ठेका 83.7 करोड़ पर छुटा है। कुछ कार्य खुद सरकार करेगी। यानी कार्य कम होना भी ठेका 83.7 करोड़ पर आने की वजह है।
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आईसीसी से यह होगा कंट्रोल
शहर की यातायात व्यवस्था आईसीसीसी से संचालित होगी। इसके लिए शहर भर में करीब 900 सीसीटीवी लगाए जाएंगे। पथ प्रकाश पर भी नजर रखी जाएगी। इसके अलावा पेयजल, सीवर लाइन और कचरा उठान पर भी नजर रखी जाएगी। आईसीसीसी की बिल्डिंग नगर निगम परिसर में बन रही, जिसका निर्माण अंतिम चरण में है।
----- वर्जन
आईसीसीसी के कार्यों के टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। एनईसी और उसकी सहयोगी कंपनी को 83.07 करोड़ रुपये में ठेका मिला है। अगले छह माह में शहर में बदलाव नजर आएगा।
ज्ञानेंद्र सिंह, नगर आयुक्त, सहारनपुर