सहारनपुर। कृषि विज्ञान केंद्र के सभागार में आयोजित किसान दिवस कार्यक्रम में सभागार सूना पड़ा मिला। अधिकारी भी किसान दिवस से नदारद रहे। दोपहर एक बजे तक मात्र दो ही किसान पहुंचे थे, जिनकी समस्या एक कर्मचारी ने सुनी।
जनपद में किसान समस्याओं को लेकर अलग अलग संगठन लगभग हर दिन बैठक, धरना और अन्य गतिविधियां करते रहते हैं। किसानों की सुनवाई और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कृषि विज्ञान केंद्र में प्रत्येक माह के तीसरे बुधवार को किसान दिवस का आयोजन होता है। किसान दिवस सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक रहता है, जिसमें कृषि विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य रहती है, जिससे कि जिस भी अधिकारी के स्तर की समस्या है उसका निस्तारण किया जा सके।
इस बुधवार को किसान दिवस का आयोजन किया गया। पड़ताल के लिए हमारी टीम दोपहर 12:55 मिनट पर पहुंची तो सभागार सूना मिला। एक कर्मचारी बाहर बैठकर एक किसान की समस्या सुनता मिला। कर्मचारी ने बताया कि सुबह से अभी तक मात्र दो किसान आए हैं, जिनकी समस्या दर्ज कर ली गई है। अधिकारियों के बारे में पूछने पर बताया कि वह अन्य जरूरी कार्यक्रम में गए हैं।
- जनपद का किसान समस्या लेकर किसान दिवस में नहीं आता है। हम कई महीने से देख रहे हैं, कि एक या दो किसान ही आते हैं और कई बार वह भी नहीं आते। अधिकारी कई बार घंटों किसान दिवस में रहे। इस बुधवार को भी किसान दिवस में रहना था, लेकिन नकुड़ के एक प्रकरण में अधिकारियों को बुला लिया गया। - राकेश कुमार, उप निदेशक, कृषि