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दहेज हत्या में पति, सास और देवर को दस साल की सजा

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दहेज हत्या में पति, सास और देवर को दस वर्ष सश्रम कारावास
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सहारनपुर। दहेज हत्या में दोषी पाए गए पति, सास और देवर को अपर सत्र न्यायाधीश डॉ दीनानाथ ने दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपियों को तीस हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
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ग्रमा पिलखना थाना नकुड़ निवासी ईश्वर चंद्र की पुत्री काजल की शादी फरवरी 2018 में ग्राम इस्माइलपुर थाना सरसावा निवासी नरेंद्र के साथ हुई थी। शादी में काफी दान-दहेज दिया गया। लेकिन ससुराल वाले खुश नहीं थे। लड़की के साथ मारपीट और उसका उत्पीड़न करते थे। 14 जनवरी 2019 को मायके वालों को सूचना मिली कि लड़की को जहरीला पदार्थ खिलाकर मायके वालों ने मार डाला। घटना की रिपोर्ट लड़की के पिता ईश्वर चंद ने 14 जनवरी 2019 को थाना सरसावा में दर्ज कराई थी। सहायक शासकीय अधिवक्ता सुशील यादव ने बताया कि पुलिस ने पति नरेंद्र, सास अरुणा और देवर दीपक कुमार के खिलाफ धारा 498 ए, 304 बी, 398, 323 आईपीसी और तीन/चार दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला पंजीकृत किया। विवेचना उपरांत उपरोक्त धाराओं में आरोप पत्र पेश किया गया था। मामले की सुनवाई के उपरांत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोषी पाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-12 डॉ दीनानाथ ने नरेंद्र, अरुणा और दीपक कुमार को धारा 304 बी आईपीसी में दस वर्ष का सश्रम कारावास से दंडित किया। इनमें धारा 498 ए आईपीसी में दो वर्ष और पांच हजार का अर्थदंड से भी दंडित किया गया है जबकि दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा चार के तहत एक वर्ष व पांच हजार के अर्थदंड से दंडित किया है।
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