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तहसील दिवस का बहिष्कार

Wed, 17 Aug 2016 02:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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तहसील परिसर में मांगों को लेकर धरना देते लेखपाल। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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छह सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार को तहसील दिवस के अवसर पर कार्य बहिष्कार करते हुए लेखपालों ने बेहट, नकुड और रामपुर मनिहारान तहसीलों पर धरना दिया। 
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लेखपालों ने लेखपाल संघ में उत्पन्न एसीपी विसंगति दूर करने, संवर्ग का पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक एवं शैक्षिक योग्यता स्नातक करते हुए प्रारंभिक वेतनमान 5200-20200, ग्रेड पे 2800 किए जाने, पांच लेखपालों पर एक राजस्व निरीक्षक एवं राजस्व परिषद के पत्रांक 4 अप्रैल 2016 के अनुसार राजस्व निरीक्षक के 629 पदों का सृजन किए जाने, राजस्व निरीक्षक प्रोन्नति एवं नायब तहसीलदार प्रोन्नति हेतु राजस्व परिषद के प्रस्ताव के अनुसार नियामवली में संशोधन किए जाने, ई-डिस्ट्रिक्ट, आईजीआरएस आदि शासन की विभिन्न योजनाओं के सुचारु क्रियान्वयन के लिए लेखपालों को लैपटॉप तत्काल उपलब्ध कराए जाने और एक अप्रैल 2005 से पूर्व चयनित लेखपालों को पुरानी पेंशन व्यवस्था का लाभ दिए जाने तथा इसके बाद नियुक्त लेखपालों की नई पेंशन योजना में सुधार करते हुए आकस्मिक निकासी और सेवानिवृति/मृत्यु पर सुनिश्चित पेंशन की सुविधा प्रदान करने की मांग की। 

रामपुर मनिहारान में धरने पर तहसील क्षेत्र के लगभग 25  लेखपाल धरने में शामिल हुए। नकुड़ में लेखपाल संघ ने विभिन्न मांगों को लेकर तहसील कार्यालय पर धरना दिया तथा  कार्य बहिष्कार किया। लेखपाल संघ ने एसडीएम राकेश कुमार गुप्ता को मांगपत्र  सौंपकर मांगे पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। 
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सहारनपुर। लेखपालों ने छह सूत्रीय मांगें पूरी न होने पर तहसील दिवस का बहिष्कार कर दिया और तहसील परिसर में ही धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने 23 से 29 अगस्त तक काम बंद कर हड़ताल करने का ऐलान भी कर दिया। फिर भी मांगें नहीं मानी तो 30 को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। मंगलवार को लेखपाल संघ ने सभी तहसीलों में धरना देकर जमकर नारेबाजी की एवं तहसील दिवस का बहिष्कार कर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।

सदर तहसील के अध्यक्ष गुरुदत्त शर्मा एवं मंत्री अजय प्रताप कांबोज के नेतृत्व में तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा कि एसीपी विसंगति वेतन, उच्चीकरण, पदनाम, परिवर्तन, ई-डिस्ट्रिक्ट योजना के लिए लैपटॉप एवं नेटपैक, योग्यता स्नातक किए जाने, मंडलीय स्थानांतरण नीति में परिवर्तन, प्रोन्नति के अवसरों में वृद्धि एवं नई पेंशन व्यवस्था की त्रुटि को दूर करने समेत छह सूत्रीय मांगों पर राजस्व परिषद द्वारा लिखित आश्वासन दिए जाने के बावजूद अभी तक शासनादेश जारी नहीं हुआ है।

इसलिए अभी सिर्फ तहसील दिवस का बहिष्कार किया गया है। उन्होंने कहा कि 17 अगस्त से 22 अगस्त तक बाजू पर काली पट्टी बांधकर कार्य किया जाएगा। 23 से 29 अगस्त तक सभी लेखपाल हड़ताल कर देंगे। फिर भी उनकी मांगों को नहीं सुना तो 30 अगस्त को लखनऊ पहुंचकर विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
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धरना प्रदर्शन करने वालों में जिलाध्यक्ष राजेंद्र सैनी, सचिव विनय भारद्वाज, अजय जैन, राकेश कश्यप, प्रदीप गुप्ता, सत्यपाल सिंह, अनुपम चौहान, आदेश शर्मा, साईस्ता राव, पूनम पुंडीर मौजूद रहे।
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